website counter widget

election

अपने बच्चों की पिटाई करना अच्छी बात नहीं, जानिए कारण…

0

85 views

यह सच है कि बचपन में हम सबने अपने माता-पिता से एक-दो थप्पड़ तो खाए ही हैं, लेकिन बच्चों के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए। हम सभी जानते हैं कि बच्चे बहुत तंग करते हैं, लेकिन वे ऐसा कुछ नहीं करते हैं, जिसके उनकी पिटाई की जाए। यदि आप भी अपने बच्चे को किसी गलती पर मारते हैं तो आगे से ऐसा न करें। पिटाई के लिए उठे हुए हाथ पर नियंत्रण रखना चाहिए। आपकी पिटाई से बच्चे पर क्या असर पड़ता है, आइए जानते हैं।

कुछ बच्चे पिटाई करने या उन पर चिल्लाने पर पलटकर कोई प्रतिक्रिया नहीं देते हैं, लेकिन यदि आपका बच्चा संवेदनशील है तो इसकी आशंका है कि वह थप्पड़ से डर जाएगा और उम्र बढ़ने के साथ उस डर और नाराज़गी को मन में रखे रहेगा। इसके अलावा कई बच्चे असुरक्षित महसूस करते हैं और जब उनके माता-पिता इस तरह से उनसे व्यवहार करते हैं तो उनके आत्मसम्मान को चोट पहुंचती है। थप्पड़ के माध्यम से कोई बच्चा कुछ सीखता नहीं है।

बच्चे अपने प्रारंभिक सालों में सीखते हैं कि झगड़े और टकराव से कैसे निपटें और उनकी पिटाई करके आप यह संकेत दे रहे हैं कि सभी झगड़ों को मारपीट से हल किया जा सकता है। यह एक बुरा विचार है। इससे बच्चा एक आक्रामक और क्रोधी वयस्क बनता जाता है और ज़रूरत पड़ने पर गुस्सा निकालने से डरते नहीं है।

किसी खास वक्त में आपको लगता है कि पिटाई करना ही आपके बच्चे को कुछ समझाने का एकमात्र तरीका है, परंतु ध्यान रखें कि आगे चलकर यह माता-पिता के रिश्ते की नींव को नुकसान पहुंचाता है। इससे आपके बच्चे को आप पर भरोसा करना छोड़ देगा।

याद रखें कि किशोर उम्र से लगभग सभी सालों के दौरान माता-पिता बच्चों के लिए सबसे बड़े रोल मॉडल होते हैं और वे आपके दृष्टिकोण, व्यक्तित्व, व्यवहार आदि को आज़माते है और उनकी नकल करते हैं।

Share.