इस कारण भाजपा का प्रचार नहीं करेंगे रामदेव

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अक्सर मोदी सरकार का समर्थन करते नज़र आते योगगुरु रामदेव बाबा ने भी देश में बढ़ती महंगाई की वजह से भारतीय जनता पार्टी से अपना पल्ला झाड़ लिया है। बाबा रामदेव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ़ैसलों को सराहते नज़र आते हैं, लेकिन महंगाई के मुद्दे पर वे मोदी सरकार के साथ नहीं हैं। मीडिया से बातचीत में बाबा रामदेव ने कहा, “देशभर में महंगाई पर जल्द ही नियंत्रण नहीं किया गया तो अगले आम चुनाव में मोदी सरकार के लिए यह महंगा साबित होगा।  पीएम मोदी की आलोचना करना उनका मूलभूत अधिकार है ”  साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे 2019 में बीजेपी के पक्ष में प्रचार नहीं करेंगे।

बाबा रामदेव ने 2014 में चुनाव के समय मोदी का पूरा समर्थन किया था और भाजपा के लिए खुलकर चुनाव प्रचार भी किया था। महंगाई के मुद्दे पर अपना बयान देने के बाद बाबा ने मोदी सरकार की थोड़ी तारीफ़ भी की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने काम भी किया है और स्वच्छता अभियान में किसी तरह का भ्रष्टाचार नहीं होने दिया है।

हाल ही में बाबा रामदेव ने डेयरी क्षेत्र में भी कदम रखा है और पतंजलि के डेयरी प्रोडक्ट्स दूध,दही और पनीर बाज़ार में लॉन्च किए हैं। बाबा का दावा है कि पतंजलि के ये सारे प्रोडक्ट्स बाज़ार में मौजूद दूसरे सारे प्रोडक्ट्स से सस्ते होंगे।

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से आम जनता काफी परेशान है। इस मुद्दे पर बाबा रामदेव ने कहा, “यदि मैं पेट्रोल पंप लगा दूं और सरकार मुझे इसकी अनुमति दे दे और टैक्स में थोड़ी छूट दे दे तो मैं 35-40 रुपए लीटर डीजल और पेट्रोल पूरे हिन्दुस्तान को दे सकता हूं। अलग से पेट्रोल पंप लगाने की भी ज़रूरत नहीं है| जो ऑइल कंपनियां हैं ये ही सस्ता तेल लोगों को दे सकती हैं। मोदीजी को थोड़ा चेंज करने की ज़रूरत है। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए।  जीसएटी में भी इसे सबसे निचले स्लैब में लाना चाहिए। 5 या 12 प्रतिशत के टैक्स वाले दायरे में। लोग पूछेंगे कि देश के घाटे का क्या होगा ? तो कहना चाहिए कि देश को कुछ दिनों तक घाटे में रहने दें क्योंकि लोगों की जेब खाली हो गई है।”

बाबा रामदेव ने मंगलवार को दिए संकेत

रूठे-रूठे रामदेव

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