रतलाम में निकली भव्य रैली

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विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर आज रतलाम की सड़कों पर अलग ही नज़ारा देखने को मिला। अलसवेरे से ही आदिवासी समाज के युवा, बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग बसों अथवा निजी वाहनों से जिला मुख्यालय पहुंचना शुरू हो गए थे। दिन होते-होते यह तादाद बढ़ती गई और शहर की सड़कों का नज़ारा बदलने लगा।

डीजे, ढोल और बैंड-बाजे के साथ शुरू हुई इस रैली ने देखते ही देखते विशाल रूप हासिल कर लिया। यह रैली शहर में जहां से भी निकली लोग देखते ही रह गए। रैली में शामिल आदिवासी बच्चों और युवाओं ने मलखंभ  कला का प्रदर्शन किया। रैली में कई आदिवासी अपने पारम्परिक हथियारों जैसे तीर-कमान के साथ भी नज़र आए। विश्व आदिवासी दिवस रैली में शामिल युवाओं ने ‘जय श्रीराम’, ‘जय आदिवासी एकता’  औऱ ‘भारत माता की जय’ के नारों से समां बांध दिया।

रैली का स्वागत विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, विद्यार्थी परिषद, व्यायामशालाओं और अनेक संस्थाओं ने जगह-जगह मंच बनाकर किया। अंचल से आए आदिवासी बंधुओं के स्वागत में शहर की सड़कें फूलों से ढंक दी गई थीं। शहर के मुख्य मार्गों से होता हुआ यह जनसमूह कालिका माता मैदान पर एकत्र हुआ, जहां रैली को समाज के गणमान्य नागरिकों ने संबोधित किया।

विश्व आदिवासी दिवस रैली में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में आदिवासी सैलाना, बाजना, आलोट और पेटलावद से रतलाम पहुंचे थे। इतने बड़े जनसमूह के रतलाम में एकत्र होने से यातायात प्रभावित हुआ और अनेक जगहों पर लंबा जाम लग गया। पुलिस की तैयारी भी इस रैली के लिए पहले से थी और बिना किसी खास रुकावट के ये कार्यक्रम शांति से सम्पन्न हो गया।

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