बगदादी की मौत पर ट्रंप का झूठ

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अभी हाल ही में मीडिया के द्वारा दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादी और इस्लामिक स्टेट (IS) के सरगना अबु बकर अल-बगदादी (Abu Bakr al Baghdadi) की मौत की खबर छपी हुई थी जिसमे अमेरिकी सेना के द्वारा सुनयोजित तरीके से बगदादी के ठिकानों पर हमला किया जिसमे बगदादी के मारे जाने की पुष्टि हुई थी और उसके साथ उसके कई ठिकाने भी नष्ट  कर दिए गए थे। इस मौत के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था की जब उसे मारा गया था तो वह जान की भीख मांग रहा था। लेकिन फिर भी हमारी सेना के द्वारा बगदादी को कुत्ते की मौत मारा गया था (Whimpering Terrorist)। जानकारी के अनुसार 26 अक्टूबर की रात को अमेरिकी सेना ने बगदादी को मारा था।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) इस आपरेशन को देख रहे थे। बगदादी की मौत के अगले दिन ट्रंप ने दुनिया को बताया कि अमेरिका ने बगदादी को मार गिराया है (Whimpering Terrorist). उन्होंने इस खास ऑपरेशन की जानकारी देते हुए कहा था कि मौत से ठीक पहले अपनी जान बचाने के लिए बगदादी रो रहा था… गिड़गिड़ा रहा था. उन्होंने ये भी कहा कि जिस वक्त बगदादी ने खुद को उड़ाया उनके साथ तीन बच्चे थे.


अमेरिकी की सेना ने दो दिन पहले इस ऑपरेशन का वीडियो और फोटोग्राफ को साझा किया है . वीडियो में साफ़ दिख रहा है की अमेरिका की स्पेशल फोर्स ने बड़े ही सुनियोजित तरीके से बगदादी के ठिकाने पर हमला किया. ये ऑपरेशन लगभग दो घंटे तक चला, लेकिन वहां बगदादी के चीखने चिल्लाने की बात की कोई भी पुष्टि नहीं कर रहा है. अमेरिकी सेना के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि उन्हें इस ऑपरेशन की पूरी जानकारी शेयर करने की इजाजत नहीं है. लेकिन उन्होंने कहा कि ट्रंप के दावों को लेकर उनके पास कोई सबूत नहीं है. एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि वाहवाही लुटने के लिए ट्रंप ने लोगों को ऐसी कहानी बताई. उन्होंने ये भी कहा कि ट्रंप ऑपरेशन का जो वीडियो देख रहे थे उसमे ऑडियो भी नहीं था. व्हाइट हाउस ने भी अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है. इस बीच जॉर्ज बुश के एडवाइज़र ने कहा है कि ट्रंप को लगातार झूठ बोलने की आदत है.

 

-Mradul tripathi

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