अमेरिका ने माना, पाकिस्तान है दाऊद का ठिकाना

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अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim Hide In Karachi ) को सभी जानते है | 1993 में मुंबई में हुए ब्‍लास्‍ट्स का जिम्मेदार पाकिस्तान में है, यह भी सर्वविदित है, लेकिन पाकिस्‍तान अपने बयानों में इस बात से इनकार करता रहा है और भारत के दावों को झुठलाता रहा है | अब अमेरिका ने भी इसकी पुष्टि (US has confirmed Dawood Ibrahim Hide In Karachi ) कर दी है |

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उल्लेखनीय है कि भारत तो हमेशा से इस बात पर जोर देता रहा है कि 1993 मुंबई ब्‍लास्‍ट्स के बाद से ही देश से फरार दाऊद पाकिस्‍तान में ही है और वहीं से अपनी गतिविधियां चला रहा है। अब अमेरिका ने भी इसकी पुष्टि (US has confirmed Dawood Ibrahim Hide In Karachi ) कर दी है कि भारत का ‘मोस्‍ट वांटेड टेररिस्‍ट’ दाऊद इब्राहिम और उसकी ‘डी कंपनी’ पाकिस्‍तान में स्थित है और वह कराची से अपना अंतरराष्‍ट्रीय आपराधिक कारोबार चला रहा है।

अमेरिका की ओर से दाऊद के पाकिस्‍तान में होने की पुष्टि (US has confirmed Dawood Ibrahim Hide In Karachi ) तब की गई, जब उसके करीबी पाकिस्‍तानी सहयोगी जाबिर मोती (51) के प्रत्‍यर्पण को लेकर लंदन की एक अदालत में सुनवाई चल रही थी। इस दौरान अमेरिकी सरकार की ओर से पेश हुए वकील जॉन हार्डी ने की। मोती के प्रत्‍यर्पण को लेकर वेस्‍टमिंस्‍टर कोर्ट में सुनवाई के दौरान हार्डी ने कहा कि अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्‍यूरो ऑफ इंवेस्‍टीगेशन (FBI) दाऊद डी-कंपनी के खिलाफ जांच कर रही है, जो पाकिस्‍तान, भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से अपनी आपराधिक गतिविधियां संचालित करती है।

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हार्डी ने कहा, “ डी कंपनी का प्रमुख दाऊद इब्राहिम है, जो पाकिस्‍तान में (US has confirmed Dawood Ibrahim Hide In Karachi ) रह रहा है। वह उसका भाई अनीस इब्राहिम भारत के मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम हमलों के बाद से ही भारत से भागे हुए हैं और पाकिस्‍तान में रह रहे हैं। दाऊद की डी-कंपनी ने पिछले 10 वर्षों में अमेरिका में मनी-लॉन्ड्रिंग, मादक पदार्थ की तस्करी और जबरन वसूली जैसी कई गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया है, जिसे लेकर प्रशासन सख्‍त है।“

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उन्‍होंने इसमें दाऊद के करीब सहयोगी मोती की ख़ास भूमिका का ज़िक्र करते हुए कहा कि ‘डी’ कंपनी में उसका खासा रसूख है और वह अपने आका दाऊद के लिए मुलाकातों का आयोजन करता था। उन्‍होंने इस संबंध में मोती की गोपनीय बैठकों, फोन और ई-मेल के जरिये की गई बातचीत को लेकर एफबीआई की कई जांचों का भी जिक्र किया।

जाबिर मोतीवाला और जाबिर सिद्दीक जैसे अलग-अलग नामों से बुलाए जाने वाले दाऊद के सहयोगी मोती को ब्रिटेन की स्कॉटलैंड यार्ड ने पिछले साल गिरफ्तार किया था, जो अमेरिका में प्रत्‍यर्पण का सामना कर रहा है। सुनवाई के दौरान मोती के वकीलों ने यह कहकर प्रत्‍यर्पण का विरोध किया कि उनका मुवक्किल मानसिक अवसाद से गुजर रहा है और वह तीन बार आत्‍महत्‍या की कोशिश कर चुका है, इसलिए प्रत्‍यर्पण के लिए फिट नहीं है।

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