मुस्लिम देशों के खिलाफ ट्रैवल बैन उचित

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अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम देशों के खिलाफ लगाए गए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रैवल बैन को उचित ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट ने उस दावे को खारिज कर दिया कि बैन लगाने का फैसला धार्मिक शत्रुता से प्रेरित है। फैसलों को ट्रंप प्रशासन की बड़ी जीत माना जा रहा है।

हो रही थी आलोचना

ट्रंप के ट्रैवल बैन के खिलाफ गैरकानूनी प्रतिबंध बताकर इसकी काफी आलोचना की जा रही थी। मानवाधिकार संगठनों ने भी ट्रंप के इस फैसले की कड़ी निंदा की थी। विरोधियों का कहना था कि मुस्लिमों के खिलाफ ट्रंप की दुश्मनी से प्रेरणा लेकर उन्होंने यह फैसला लिया है।  हालांकि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब इस विवाद को खत्म माना जा रहा है। बता दें कि निचली अदालत ने पिछले साल सितंबर में ट्रंप के फैसले पर रोक लगा दी थी।

जुड़ सकते है कई देश

इस मामले में चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर पर्याप्त रूप से न्यायसंगत साबित हुआ। उन्होंने आगे कहा कि इस नीति पर सुप्रीम कोर्ट का अपना कोई विचार नहीं है। इस फैसले ने अमरीका में लोगों को प्रवेश करने पर राष्ट्रपति के विवेकाधिकार की पुष्टि की है। इसका मतलब है कि वर्तमान प्रतिबंध जारी रह सकता है और ट्रंप इसमें कुछ और देशों को जोड़ सकते हैं।

सितंबर में की थी ट्रैवल बैन की घोषणा

आपको बता दें कि ट्रंप ने पिछवे साल सितंबर में ट्रैवल बैन की घोषणा की थी। इसके तहत ईरान, लिबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया, यमन और इराक से आने वाले लोगों का अमरीका में प्रवेश प्रतिबंध कर दिया गया था। हालांकि ट्रंप प्रशासन ने ट्रैवल बैन में कई संशोधन किए थे।

ट्रैवल सूची में पाकिस्तान नहीं

ट्रंप प्रशासन ने सात देशों  पर पाबंदी इसलिए लगाई है क्योंकि वहां के नागरिकों के लिए वीज़ा जारी करने के लिए जिस तरह की जानकारी अमरीका को चाहिए वो नहीं मिल रही थी। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के नागरिकों के लिए उन्हें जिस तरह की जानकारी चाहिए वो वहां के अधिकारियों से उन्हें मिल रही है। लेकिन अगर ट्रंप प्रशासन ट्रैवल बैन में कोई संशोधन करता है तो पाकिस्तान या किसी और देश को इसमें शामिल किया जा सकता है।

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