बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की क्षमता से खतरा

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चीन जिस तरह तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विकास कर रहा है, उससे अमरीका सहित दुनिया के तमाम दिग्गज देश चिंतित हैं। माना जा रहा है कि चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अपनी ताकत बढ़ाने के लिए कर सकता है|

एक रिपोर्ट की माने तो चीन लगातार बड़ी संख्या में रोबोट इकट्ठे कर रहा है| हजारों इंजीनियर मशीनों में कोडिंग करने में जुटे हैं| अभी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मामले में अमरीका का नाम सबसे आगे आता है, लेकिन आने वाले कुछ ही सालों में चीन दुनिया के सभी देशों को पीछे छोड़ देगा|
चीन अनेक मुद्दों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में सबसे ताक़तवर बनने की पुरजोर कोशिश रहा है| चीन बहुत तेजी के साथ क्लाउड कम्प्यूटिंग की क्षमता बढ़ा रहा है, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर शोध किया जा सके|
ख़बरों की माने तो चीन ने पिछले दिनों एक महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया है| योजना के अनुसार, अगले 10 सालों में चीन एआई टेक्नोलॉजी में तेज गति से विकास करने लगेगा| इतना ही नहीं 2030 तक वह एआई क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर दुनिया का बेताज बादशाह बन जाएगा| चीन में अभी 700 मिलियन यानी 70 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स हैं। यह संख्या दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा है। चीन की कई कंपनियां भी अपने यूजर्स को बेस्ट टेक्नोलॉजी का अनुभव करवाने के लिए प्रयासरत हैं| चीन का यह कदम भारत के लिए भी चिंता का विषय हैं कि तकनीकी रूप से आगे बढ़कर चीन भारत की सायबर सिक्योरिटी के लिए खतरा बन सकता है|
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