आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा के कर्ता-धर्ता गिरफ़्तार

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मुंबई आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज़ सईद ने जमात-उद-दावा की शुरुआत की थी। वर्ष 2002 से लश्कर ने चैरिटी के बहाने पैसे जुटाना शुरू कर दिया। लश्कर को पर्शियन गल्फ, यूनाइटेड किंगडम के साथ पाकिस्तान और कश्मीर के कुछ बिजनेसमैन से काफी पैसा मिलता है। इसी पैसे से जमात-उद-दावा (Three Jamaat-e-Islami Terrorists Arrested) की शुरुआत की गई थी | हमेशा से इस संगठन को हाफिज़ और पाकिस्तान दोनों ही चैरिटेबल ट्रस्ट बताते हैं परंतु अब अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण पाकिस्तान हाफिज को लेकर थोड़ा सख्त नज़र आने लगा है|

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हाल ही में खबर सामने आई है कि हाफिज सईद (Three Jamaat-e-Islami Terrorists Arrested) के आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा के तीन आतंकियों को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से गिरफ्तार किया गया है। यहां गुरुवार देर रात जारी एक बयान में पंजाब पुलिस के आतंकवाद निरोधी विभाग (सीटीडी)ने कहा कि उसने लाहौर से करीब 150 किलोमीटर दूर फैसलाबाद में एक ठिकाने पर कार्रवाई करते हुए जमात के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

बयान में कहा गया, “इनके पास के लाखों रुपए बरामद किए गए, जो इन्होंने आतंकवादी गतिविधियों के लिए जुटाए थे।“  विभाग ने बताया कि इनके खिलाफ फैसलाबाद में आतंकवाद निरोधक अदालत में एक रिपोर्ट भी पेश की गई है।

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पिछले सप्ताह भी अधिकारियों ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के 10 आतंकवादियों को पंजाब से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने बताया कि आतंकवादियों को धन मुहैया करवाने के खिलाफ देशभर में कार्रवाई चल रही है।

कौन है हाफिज सईद ?

नाम- हाफिज मोहम्मद सईद
पिता का नाम- कमालुद्दीन गुर्जर
जन्म- 10 मार्च 1950
जन्मस्थान- सरगोधा, पंजाब, पाकिस्तान
राष्ट्रीयता- पाकिस्तानी
काम- दहशतगर्दी
संगठन- जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-तैयबा

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आरोप

दिसंबर 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले का मास्टरमाइंड।
जुलाई 2006 में मुंबई लोकल में हुए सिलसिलेवार धमाकों का आरोपी।
नवंबर 2008 में मुंबई पर हुए बड़े हमले का मास्टरमाइंड।

भारत में कई बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले इस आतंकी के संगठनों जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-तैयबा को संयुक्त राष्ट्र ने 2008 में प्रतिबंधित कर दिया था। पाकिस्तान सरकार ने कई बार दबाव में आकर उसे गिरफ्तार तो किया, लेकिन हर बार वह अदालत के सहारे छूटकर बाहर आ गया। भारत के आग्रह पर उसके खिलाफ इंटरपोल ने 25 अगस्त 2009 को रेड कार्नर नोटिस जारी किया था। बावजूद इसके वह आज भी पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहा है।

लश्कर-ए-तैयबा की शुरुआत अफगानिस्तान के कुन्नार प्रोविंस में वर्ष 1987 में हुई थी। लश्कर-ए-तैयबा का मतलब होता है अच्छाई की सेना। इस संगठन को शुरू वाले अब्दुल्ला आजम, जफर इकबाल और हाफिज सईद थे।

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