कोई देश न बताए हमें क्या खरीदना है क्या नहीं: विदेश मंत्री

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वॉशिंगटन: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) इन दिनों अमेरिका दौरे पर है. एस जयशंकर ने रूस से सैन्य समझौता करने पर सोमवार को अमेरिका को करारा जवाब दिया है। अमेरिका दौरे पर गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिबंधों के खतरे के बावजूद रूस से मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने के भारत के अधिकार का बचाव किया (S Jaishankar Defends S-400 Purchase)। उन्होंने कहा कि भारत रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने के लिए बिलकुल स्वतंत्र है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हम नहीं चाहते कि कोई देश हमें बताए कि रूस से क्या खरीदना है और क्या नहीं।

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गौरतलब है भारत ने रूस से पिछले साल ही एस-400 मिसाइल डिफेंस (S Jaishankar Defends S-400 Purchase) सिस्टम खरीदने का करार किया था । अमेरिका ने इस पर नाराजगी जताते हुए कई बार भारत पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी। और अब इस पर पलटवार करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि , “हम इस बात के पक्षधर रहे हैं कि सैन्य खरीदारी किसी भी देश का अधिकार है। किसी भी चीज को चुनने की आजादी हमारी अपनी है। मुझे लगता है कि यह सभी के हित में है।
S-400 एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइल दुनिया की सबसे एडवांस सिस्टम मिसाइल है. यह एक मोबाइल सिस्टम है. यानी इसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाया जा सकता है. इसके अलावा इसे किसी जगह लगाने में सिर्फ 5 मिनट का समय लगता है. यह तीन मिसाइलें एकसाथ छोड़ता है जो तीन लेयर की सुरक्षा देता है. इसके अलावा इसकी रेंज 400 किमी है. 30 किमी. की ऊंचाई तक इसकी मारक क्षमता है।

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जानकारी के अनुसार भारत ने 5.2 अरब डॉलर की पांच S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने पर पिछले साल सहमति जताई थी. रूस इन्हे उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। रूस की यूक्रेन व सीरिया में सैन्य संलिप्तता और अमेरिकी चुनावों में हस्तक्षेप के आरोपों के कारण अमेरिका ने 2017 कानून के तहत उन देशों पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया है जो रूस से बड़े हथियार खरीदते हैं. रूस के साथ S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम समझौते को लेकर अमेरिका नाराजगी जता चुका है।
अमेरिका द्वारा काट्सा कानून के द्वार अपने दुश्मन देशों से हथियार खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगा सकता है। इस लिहाज से भारत भी रूस से हथियार खरीदने के लिए प्रतिबंधों के दायरे में आ सकता है। हाल ही में अमेरिका ने तुर्की पर एस-400 सिस्टम खरीदने के लिए प्रतिबंध लगा दिए थे। साथ ही उसके साथ एफ-35 फाइटर जेट की डील रद्द कर दी थी।

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-Mradul tripathi

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