ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने की इच्छा जताई

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6 महीने पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर झूठ बोलने और छल करने का आरोप लगाया था | इस बात की पूरे विश्व में चर्चा हुई है | अमेरिका से अपने संबंधों को सुधारने के उद्देश्य से पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से मुलाकात की (Imran Khan Offer To Donald Trump Mediate On Kashmir)| व्‍हाइट हाउस में दोनों के बीच बातचीत जारी है| पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी मौजूद हैं|

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इमरान खान प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी पहली अमेरिका यात्रा पर गए हैं| अगस्त, 2018 में पाकिस्तान का प्रधानमंत्री बनने के बाद से यह इमरान खान की पहली अमेरिका यात्रा है|दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत की सामने आई जानकारियों के अनुसार इस अवसर पर इमरान खान ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सामने कश्मीर का मुद्दा रखा (Imran Khan Offer To Donald Trump Mediate On Kashmir) | ट्रम्प ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विवादित कश्मीर मामले को हल करने के लिए मदद मांगी थी| ऐसे में ट्रंप ने इस मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने की इच्छा जताई है| ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका भारत और पाकिस्तान के तनावपूर्ण संबंधों में दखल दे सकता है|

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सरकार के अफसर दोनों की मीटिंग में पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन के होने की जानकारी देने वाले डॉ.शकील अफरीदी की रिहाई की मांग का मुद्दा भी उठाएंगे| इस मुद्दे की बात ट्रंप ने अपने चुनावी कैंपेन में भी की थी| वे कैंपेन में अफरीदी को दो मिनट में पाकिस्तान से आजाद करवाने की बात कहते थे|

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इस मुलाकात के बाद (Imran Khan Offer To Donald Trump Mediate On Kashmir) दोनों ही देशों के शीर्ष नेताओं ने व्हाइट हाउस में मौजूद मीडिया से भी बात की| इस दौरान भी ट्रंप ने कश्मीर मुद्दे को लेकर अपनी बात दोहराई| हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से जारी की गई लंबी प्रेस विज्ञप्ति में कश्मीर मुद्दे का कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया है| उसमें केवल दक्षिण एशिया की बात की गई है|

गौरतलब है कि ट्रंप ने पिछले साल ओसामा बिन लादेन को अपने क्षेत्र में छिपाने में मदद करने के लिए इस्लामाबाद पर आरोप लगाए थे| उन्होंने कहा था कि भले ही पाकिस्तान को वॉशिंगटन से हर साल 1.3 अरब डॉलर मिले, मगर वह इसके लिए अमेरिका के लिए कुछ भी करने में नाकाम रहा है|

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