देशों की संप्रभुता और अखंडता का हो सम्मान

0

भारत द्वारा निरंतर एक विदेशी परियोजना का विरोध किया जा रहा था, जिसके बारे में अब भारत ने स्पष्ट संदेश जारी कर दिया है| ऐसे में विरोध करने वाला भारत अकेला देश बन गया है| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में कहा कि बड़ी संपर्क सुविधा परियोजनाओं में सदस्य देशों की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए|

दरअसल, चीन की महत्वाकांक्षी ‘ एक क्षेत्र, एक सड़क’ (ओबीओआर) परियोजना का भारत द्वारा विरोध किया जा रहा है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले विवादित कश्मीर से होकर गुजरती है| भारत को छोड़कर एससीओ के सभी देशों ने चीन की इस योजना का समर्थन किया है| शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 18वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिन की यात्रा पर पहुंचे मोदी ने भारत का फैसला सबसे सामने रखा और इस योजना का विरोध किया|

प्रधानमंत्री मोदी ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी की प्रशंसा की और आतंकवाद के प्रभावों को दुर्भाग्यपूर्ण बताया| उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने देश में शांति के लिए जो साहसिक कदम उठाए हैं, क्षेत्र में सभी लोग इसका सम्मान करेंगे| उन्होंने इसी क्रम में ईद के मौके पर अफगानी नेता द्वारा संघर्ष विराम की घोषणा का भी उल्लेख किया|

Share.