website counter widget

पाकिस्तान के कैबिनेट मंत्री फवाद हुसैन का अनर्गल बयान

0

आईसीसी विश्वकप-2019 के सेमीफाइनल में भारत को न्यूजीलैंड के हाथों 18 रनों से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद भी पाकिस्तान के पूर्व तेज़ गेंदबाज शोएब अख्तर ने महेंद्रसिंह धोनी की तारीफ में कसीदे पड़ते हुए उन्हें दिग्गज कहा था| पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी जाने-माने खिलाड़ी रह चुके हैं और अपने खिलाड़ियों से हमेशा खेल भावना की बात करते हैं, लेकिन उनके कैबिनेट मंत्री फवाद हुसैन (Fawad Chaudhry Retweet On MS Dhoni ) ही अब टीम इंडिया के खिलाड़ियों पर अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं|

VIDEO : संसद में चला सफाई अभियान, झाड़ू थामे सांसदों का यूं उड़ा मज़ाक

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विश्वकप सेमीफाइनल में न्यूज़ीलैंड के हाथों मिली हार के बाद फवाद ने ट्वीट करते हुए कहा था, “पाकिस्तानियों की नई मोहब्बत न्यूजीलैंड।“

इसके बाद फवाद चौधरी (Fawad Chaudhry Retweet On MS Dhoni ) ने ट्वीट को रीट्वीट भी किया था, जिसमें धोनी को लेकर अभ्रद टिप्पणी की गई थी । फवाद ने जो ट्वीट रीट्वीट किया है, उसमें लिखा है, “इस जेंटलमैन गेम को खराब करने के लिए धोनी आप इसी तरह की शर्मनाक हार के हकदार थे।“ उल्लेखनीय है कि चौधरी फवाद हुसैन इमरान खान की अगुवाई वाली पाकिस्तान सरकार में विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्री हैं।

Dog Transfer In MP : एमपी अजब है ! कमलनाथ सरकार में अब कुत्तों के तबादले

यह पहली बार नहीं है जब फवाद ने धोनी को इस तरह से निशाना बनाया हो। विश्वकप के शुरूआती मैच के दौरान जब धोनी ने विकेटकीपिंग के दौरान दस्तानों पर सेना का चिह्न (Army Insignia) लगाया था तो उस समय भी फवाद हुसैन ने ट्वीट कर धोनी को निशाना बनाया था।

फवाद (Fawad Chaudhry Retweet On MS Dhoni ) ने आईसीसी से धोनी के दस्तानों पर बने चिह्न को हटाने को कहा था। तब फवाद हुसैन ने ट्वीट कर कहा था, “धोनी इंग्लैंड में क्रिकेट खेलने गए हैं न कि महाभारत के लिए।  भारतीय मीडिया में क्या बेहूदा डिबेट चल रही हैं। भारतीय मीडिया का एक धड़ा युद्ध को लेकर इतना जुनूनी है कि उन्हें सीरिया, अफगानिस्तान या रवांडा में किराये के सैनिक बनाकर भेज देना चाहिए।“

बच्चों के कटे सिर मिलने वाला मामला नरबलि का नहीं

गौरतलब है कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए सेमीफाइनल मैच में महेंद्रसिंह धोनी ने टीम इंडिया को संकट से निकाला था। जिस समय धोनी बल्लेबाजी करने क्रीज़ पर आए थे, उस समय टीम 92 रनों पर अपने 6 विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद धोनी ने सातवें विकेट के लिए रवींद्र जडेजा के साथ न केवल शतकीय साझेदारी की बल्कि टीम को संकट से भी बाहर निकाला। इसे टीम का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि जब टीम को 10 गेंदों में 24 रनों की आवश्यकता थी तब धोनी रनआउट हो गए और यहीं से भारत की हार भी सुनिश्चित हो गई। आउट होने से पहले धोनी से 72 गेंदों पर 50 रनों की पारी खेली।

ट्रेंडिंग न्यूज़
Share.