भिखारी पाकिस्तान ने चीनी कम्पनियों को दी टैक्स में छूट

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नई दिल्ली: पाकिस्तान(Pakistan) से करजिस्तान बन चुका पाक डूबते-डूबते भी चीन (China)से अपनी गहरी दोस्ती निभा रहा है. पाकिस्तानी आवाम के पास खाने के लिए आनाज नहीं है दवाओं के लिए पैसा नहीं है उसके बाद भी इमरान सरकार ने चीनी कंपनी को देश में बिना टैक्‍स के 23 साल तक काम करने की छूट दी है (Gwadar Port)। अब इसे मूर्खता कहेंगे या होशियारी क्योंकि भारी मंदी कि मार झेल रहे पाकिस्तान को इस समय अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए अत्याधिक धन कि आवश्यकता है उसके बावजूद पकिस्तान ने चीनी कंपनियों को बिना टैक्‍स(Tax Relief) के 23 साल तक काम करने की छूट दी ये थोड़ा हास्यास्पद है। पाकिस्तानी पीएम इमरान खान (Imran Khan)इस समय चीन के दौरे पर है। और ऐसा माना जा रहा है की इमरान सरकार ने अपने देश के हालात सुधारने के लिए ऐसा कदम उठाया है।

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जानकारी के अनुसार पकिस्तान ने अपने महत्वपूर्ण ग्वादर बंदरगाह और इसके फ्री जोन पर चीनी ऑपरेटर्स के लिए 23 साल तक टैक्स में छूट (Tax Relief) देने की घोषणा की है. मतलब की अब चीनी ऑपरेटर्स को सेल्स टैक्स और कस्टम ड्यूटी नहीं भरनी पड़ेगी. पाकिस्तानी राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कुछ ही दिन पहले चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा प्राधिकरण और टैक्स लॉ अमेंडमेंट ऑर्डिनेंस 2019 की घोषणा की थी. अल्वी ने ऐसे समय में यह अमेंडमेंट साइन किया जिस वक्त इमरान खान सैन्य प्रमुख बाजवा के साथ चीन का दौरा कर रहे हैं (Gwadar Port). ग्वादर बंदरगाह में 23 साल तक टैक्स में छूट के अलावा और भी कई छूट की घोषणा के बाद चाइना ओवरसीज पोर्ट्स होल्डिंग कंपनी ग्वादर के चेयरमैन झांग बोअजॉन्ग ने मंगलवार को अगले 7 सालों में इस तटीय शहर को पाकिस्तान की जीडीपी में सबसे बड़ा भागीदार बनाने की योजना साझा की है।

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ऐसा माना जा रहा है कि यह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए निर्णायक मोड़ है और ग्वादर में अरबों डॉलर का निवेश होगा. चीन और पाकिस्तान ग्वादर बंदरगाह को शिंजियांग प्रांत से जोड़ने वाले 60 अरब डॉलर के आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) पर काम कर रहे हैं. भारत ने इस गलियारे को लेकर विरोध दर्ज कराया है क्योंकि यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है.

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-Mradul tripathi

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