महबूबा का आतंकी कनैक्शन

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मोदी सरकार 2.0 ने अब हर पेंतरे अपनाते हुए कश्मीर मामले को हल करने की ठान ली है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान ने भी अपनी ओर से बयान बाज़ी शुरू कर दी है और ऐसे हालातों में जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और भी मुश्किलों में घिरती नज़र आ रही है। जानकारी के मुताबिक, देश की जांच (Mehbooba Mufti Get ACB Notice) एजेंसियों को बैंक भ्रष्टाचार मामले में महबूबा मुफ्ती के खिलाफ पक्के सबूत मिले हैं।

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यह भी बताया जा रहा है कि इस मामले में उनके कई सहयोगियों के नाम भी शामिल है । अब तक गिरफ्तारी महबूबा मुफ़्ती और ओमर अब्दुल्लाह की हुई है, लेकिन जल्द ही आने (Mehbooba Mufti get ACB notice) वाले वक्त में इस मामलों से जुड़े नेताओं और साहियोगियों की भी गिरफ्तारी हो सकती है। जानकारी के मुताबिक, एनआईए यानी नेशनल इन्वैस्टिगेशन एजेंसी को ऐसे पक्के सबूत मिले हैं, जिनसे यह पता चलता है कि  नेताओं ने जम्मू-कश्मीर के बैंकों में मनमर्जी से काम करवाया है।

इतना ही नहीं, जांच एजन्सी को करीब 48 हजार ऐसे खाते भी मिले हैं, जिनमें कई तरह की ज़रूरी जानकारीयां नहीं मिली है। इस मामले को संज्ञान में और भी ज़्यादा गंभीरता से लेने (Mehbooba Mufti get ACB notice) की ज़रूरत इसलिए है क्योंकि कुछ ऐसे खाते भी हैं, जिनमें नाम पता तो गलत है ही और इसके अलावा पहचान identity proof बताने वाला भी कोई दस्तावेज नहीं हैं। कश्मीरी के बैंको में ऐसे लोगों की भर्ती की गई है, जिन्होंने सियासी इशारों पर आतंकी संगठनों की मदद की है । गैर-कानूनी तरीकों से भारी संख्या में रुपये का लेनदेन किया है।

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 एंटी करप्शन ब्यूरो और NIA द्वारा अब जम्मू-कश्मीर बैंक में हुए भर्ती घोटाले की जांच में दो बातें सामने आ रही हैं। पहली, तो यह कि जम्मू-कश्मीर सरकार के इशारों पर गैर कानूनी (Mehbooba Mufti get ACB notice)  तरीके से बैंक कर्मियों की भर्ती की गई और दूसरा, आतंकी संगठनों को गैर कानूनी ढंग से पैसे पहुचना। बताया जा रहा है कि इस मामले में जम्मू कश्मीर बैंक के पूर्व अध्यक्ष परवेज अहमद से भी पूछताछ की जाएगी।

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आपको बता दें कि बैंक में भर्ती घोटाले, भ्रष्टाचार और आतंकी संगठनों को पैसों द्वारा मदद पहुंचाने के आरोपों के कारण परवेज अहमद को दो माह पहले उनके पद से हटा दिया गया था। उनपर यह भी आरोप है कि उनके द्वारा गैर कानूनी ढंग से 1,000 करोड़ रुपये के ऋण को डायवर्ट किया था। एसीबी की रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि बैंक में हुई कई नियुक्तियां पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उनके सहयोगी मंत्रियों की सिफारिश पर की गई थी। 

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इससे पहले महबूबा मुफ़्ती सरकार पर विदेशों से धन मंगाने और बैंक में पैसे ट्रांसफर करने के आरोप लग चुके है, लेकिन अब देखना यह है कि मोदी सरकार 2 के आ जाने के बाद  यह आरोप पूरी तरह सिद्ध होने पर क्या कारवाई की जाएगी ।

 

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