इस राज्य में दुष्कर्मी को इंजेक्‍शन लगाकर बना देंगे नपुंसक

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भारत में दुष्कर्म की घटनाओं में लगातार इजाफा होता जा रहा है| आए दिन बच्चियों, महिलाओं और युवतियों के साथ हैवानियत के मामले सामने आते रहते हैं | हाल ही में अलीगढ़, भोपाल और अन्य कई शहरों से दुष्कर्म के मामले सामने आए थे | इंदौर से भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं | अब हाल ही में ख़बर सामने आई है कि एक राज्य में नया क़ानून (Chemical Castration Injection As Rape Punishment) बनाया गया है, जिसके तहत दुष्कर्मी को इंजेक्शन लगाकर नामर्द बनाकर सज़ा दी जाएगी|

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दरअसल, यह कानून भारत के किसी राज्य में नहीं बल्कि अमेरिका के एक राज्य में बनाया गया है | गौरतलब है कि रेप का दोषी पाए जाने वालों को दुनियाभर में कई सख्त तरीकों से दंडित किए जाने का प्रावधान हैं| इनमें पत्‍थर मारकर मौत के घाट उतार देना, जहर की घूंट पिला देना, लिंग कटवा देना, सिर कलम करा देना, चौहारे पर फांसी पर लटका देना, केम‌िकल देकर मार देना, गैस चैंबर में जहरीली गैंस से दम घुटवा देना जैसे तरीकों का आज भी दुनिया के कई देशों में इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन यह नया मामला है|

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेप को लेकर यह नया कानून बना है अमेरिका के अलाबामा राज्य में| यहां के प्रशासन और राजनेताओं की सहमति से इस कानून को लागू कर दिया गया है, जिसमें रेपिस्टों को नपुंसक बनाने के लिए इंजेक्‍शन दे दिया जाएगा (Chemical Castration Injection As Rape Punishment)| इस कानून के तहत किसी शख्स पर 13 साल की कम की लड़की से रेप का आरोप सिद्ध होने पर उन्हें नपुंसक बनाने वाला इंजेक्‍शन दिया जा सकता है या फिर उन्हें ऐसी दवाएं भी पिलाई जा सकती हैं, जिससे इंसान को नपुंसक बन जाए|

उल्लेखनीय है कि यह कानून नाबालिग व मासूमों से रेप को लेकर बनाया गया है| इसके तहत अगर किसी शख्स पर ऐसे आरोप लगे हैं तब मामले को बेहद गंभीरता से लिया जाएगा| अगर किसी शख्स पर ऐसे आरोप सिद्ध होते हैं और उसे कुछ सालों की कैद होती है और किसी कारणवश उसे बीच में पैरोल पर छोड़ना पड़ता है तो उसे जेल से बाहर जाने से पहले ही उसे ऐसा इंजेक्‍शन दे दिया जाएगा, जिससे उसकी शारीरिक संबंध स्‍थापित करने की क्षमता खत्म हो जाए|

इस इंजेक्‍शन का प्रभाव पूरी उम्र नहीं होगा, लेकिन‌ जब तक उनकी सज़ा की समयावधि पूरी नहीं होती| उन्हें दोबारा किसी ऐसे अपराध में संलिप्त होने की क्षमता ही छीन ली जाएगी| जानकारी के अनुसार पैरोल पर किसी को छोड़ने के करीब एक महीने पहले यह इंजेक्‍शन दिया जाएगा| इसके बाद इंजेक्‍शन का प्रभाव छह महीने तक रहेगा| इससे पहले उनका पैरोल पीरि‌यड समाप्त हो जाएगा|

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इस कानून के अनुसार अगर कोई रेप का दोषी पैरोल पर जाने से पहले यह इंजेक्‍शन लगवाने से मना करता है तो उसे पैरोल पर बाहर नहीं जाने दिया जाएगा| उसे सज़ा पूरी होने तक जेल में रहना होगा|

कानून में यह चौंकाने वाला है कि किसी दोषी को नपुंसक बनाने वाला इंजेक्‍शन का खर्च भी उसे ही उठाना होगा| हालांकि दोषी को इंजेक्शन लगाना है अथवा नहीं लगाना इस पर अं‌तिम फैसला कोर्ट के हाथों में होगा| ऐसे में दोषी खुद को इंजेक्‍शन ना लगाने को लेकर कोर्ट में अपील भी दायर कर सकता है, लेकिन कानून के लागू हो जाने के बाद इसके क्रियान्यवन की भी तैयारी की जा रही है|

आवश्यक है कि भारत में बढ़ते दुष्कर्म के मामलों के मद्देनज़र यहां भी इस तरह का क़ानून बनाया जाए ताकि अपराधियों में क़ानून को लेकर खौफ़ पैदा हो |

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