इमरान खान के खिलाफ पाकिस्तान में ‘आजादी मार्च’

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इस्लामाबाद: इमरान खान(Imran khan) जब से पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री बने है तब से जैसे उनके बदकिस्मती का दौर शुरू हो गया है। एक के बाद एक संकट उनपे आते जा रहे है। उनके प्रधानमंत्री रहते पाकिस्तान में भारी अकाल का दौर चल रहा है। वहां की अर्थव्यवस्था भारी मंदी से गुजर रही है। भारत के द्वारा कश्मीर मुद्दे पर भी पाकिस्तान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुहकी खानी पड़ी। और अब उनके ही देश के लोग उनके उनके खिलाफ हो गए है जानकारी के अनुसार पाकिस्तान में प्रमुख दक्षिणपंथी धार्मिक पार्टी ने ‘अक्षम’ इमरान खान सरकार को हटाने के लिए 27 अक्टूबर से ‘आजादी मार्च’ का एलान किया है। पार्टी ने देश में चल रहे आर्थिक संकट के लिए इमरान खान की सरकार को दोषी ठहराया है।

जानकारी के अनुसार जमियत अलेमा-ए-इस्लाम-फज्ल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान का यह फैसला मुख्य विपक्षी पार्टियों पीएमएल-एन और पीपीपी के फैसले के बाद आया है. यह दोनों पार्टियां प्रधानमंत्री खान को सत्ता से निकालने के लिए किसी ‘एकल संघर्ष’ के खिलाफ हैं और उन्होंने सभी पार्टियों का एक सम्मेलन बुलाकर आपसी समझ विकसित करने का निर्णय लिया है.


मियत अलेमा-ए-इस्लाम-फज्ल (जेयूआई-एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान ने कहा, ‘यह सरकार फर्जी चुनावों का परिणाम है। हम डी-चौक पर इकट्ठा होंगे। हम वे लोग नहीं हैं जो जिन्हें आसानी से तितर-बितर किया जा सकता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘सभी विपक्षी पार्टियां इस बात पर सहमत हैं कि नए सिरे से चुनाव कराए जाएं ताकि पता चल सके कि किसे वास्तविक जनादेश हासिल है।’ उन्होंने इस धारणा को खारिज कर दिया कि वह अकेले आगे बढ़ रहे हैं। फजलुर ने कहा कि उनकी पार्टी अन्य सभी पार्टियों के साथ संपर्क में है और उनके साथ सलाह मशविरा करके ही फैसले ले रही है।

-Mradul tripathi

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