इमरान खान ने ट्रंप को किया फोन फिर अलापा कश्मीर राग

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इस्लामाबाद: जम्मू- कश्मीर (Jammu and Kashmir) से आर्टिकल 370 (Article 370) हटे हुए लगभग 3 महीने से ज्यादा समय होने वाला है और अब वहां जनजीवन सामान्य होने लगा है। जिससे पाकिस्तान की चिंताए और बढ़ने लगी है। जब जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटी थी तो पाकिस्तान (Pakistan) ने दुनिया भर में हाथ पैर मारे थे संयुक्त राष्ट्र संघ में भी इसका मुद्दा उठाया था लेकिन उसे कही से कोई मदद नहीं मिली उसका एक प्रमुख कारण था पाकिस्तान का आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होना। कश्मीर मुद्दे पर शिकस्त मिलने और पाकिस्तान के भारी मंदी की चपेट में आने के बाद इमरान सरकार (Imran Khan) का उनके ही देश में जमकर विरोध हो रहा है.और इधर हर कोई कश्मीर में बदली फिजा के लिए मोदी सरकार की तारीफ कर रहा है. दुनिया के ज्यादातर देशों ने और खुद भारत ने कहा है कि कश्मीर एक आंतरिक मामला है. इसके बावजूद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अभी भी कश्मीर के मुद्दे को हर जगह उठाने की कोशिश में लगे हैं. इसी सिलसिले में गुरुवार को उन्होंने फोन पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) से बातचीत की.

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पाकिस्तान की तरफ से मिली खबर के अनुसार इमरान खान ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रपति ट्रंप को कश्मीर मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपने प्रयासों को जारी रखना चाहिए. इस दौरान उन्होंने कश्मीर पर उनकी मध्यस्थता की पेशकश की सराहना की. आपको बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप कई बार भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है. इमरान खान ने ट्रंप से अफगान शांतिवार्ता पर भी बातचीत की थी। दोनों नेताओं ने माना कि अफगानिस्तान में पश्चिमी बंधकों की रिहाई एक सकारात्मक कदम था.

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इमरान खान के साथ बातचीत के दौरान कश्मीर मुद्दा उठने पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे मुलाकात के दौरान कश्मीर विवाद को सुलझाने के लिए मदद करने को कहा था. ऐसे में अगर इसे सुलझाने में मैं कोई मदद कर सकता हूं तो मैं मध्यस्थ बनकर मदद करना चाहूंगा. लेकिन हर बार अमेरिकी प्रशासन इस बात को भी दोहराता रहा है कि कश्मीर भारत का आंतरिक मुद्दा है.

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-Mradul tripathi

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