दक्षिण कोरिया की पूर्व राष्ट्रपति को मिली सजा

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2017 में अपनी सत्ता गवां चुकी पूर्व राष्ट्रपति पार्क ग्यून हे को 25 वर्ष के कारावास की सज़ा सुनाई गई है। कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में पार्क ग्यून हे को यह सज़ा सुनाई है। पार्क लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित दक्षिण कोरिया की पहली राष्ट्रपति हैं, जिन्हें संवैधानिक कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त होने के कारण पद से हटा दिया गया था। कोर्ट ने पार्क को अपनी दोस्त चोई सून सिल के साथ सांठगांठ करके उनके परिवार और उनके गैर लाभकारी संस्थानों को अरबों वॉन का लाभ पहुंचाने का दोषी पाया गया। 25 वर्ष के कारावास के साथ ही उन पर 18 अरब वॉन का ज़ुर्माना भी लगाया गया।

लगभग 16 मामलों में आरोप पर चल रहे उनके इस मुकदमे को टेलीविज़न पर लाइव दिखाया गया। करीब 1 साल पहले उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। कोर्ट ने सत्ता का गलत इस्तेमाल, रिश्वत और तानाशाही का दोषी पाए जाने के बाद उन्हें आर्थिक दंड के साथ हिरासत में भेज दिया। साथ ही न्यायाधीश ने कहा, “राष्ट्रपति ने जनता द्वारा दी गई शक्ति का दुरुपयोग किया इसलिए उनको सख्त सज़ा की ज़रूरत है ताकि देश के भावी नेताओं को कड़ा संदेश मिले।”

इससे पहले एक निचली अदालत ने अप्रैल में पार्क को 24 वर्ष कारावास की सज़ा सुनाई थी, लेकिन सरकारी अभियोजकों ने उन्हें और कड़ी सज़ा देने की मांग करते हुए इस फैसले को चुनौती दी थी। खबरों के अनुसार, अभियोजकों ने पार्क को 30 साल की सज़ा देने की अपील की थी। पार्क ने कोर्ट में कुछ भी गलत करने से इनकार किया है। गौरतलब है कि पार्क 31 मार्च 2017 से जेल में बंद हैं। वे अपने पिता द्वारा राष्ट्रपति पद छोडऩे के बाद वर्ष 2012 में देश की पहली महिला राष्ट्रपति बनी थीं।

घोटाले के आरोप लगने के बाद दिसंबर 2016 में महाभियोग चलाया गया और 10 मार्च 2017 को राष्ट्रपति पद से संवैधानिक तौर पर हटा दिया गया।

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