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पाकिस्तान पर ब्लैकलिस्ट होने का खतरा अब सिर्फ 3 दोस्तों से आशा

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पेरिस: इन दिनों टेरर फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग पर नजर रखने वाली फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की एक अहम बैठक फ्रांस की राजधानी पेरिस(Peris) में हो रही है. इस बैठक में पाकिस्तान(Pakistan) के ऊपर बड़ा एक्शन लिया जा सकता है क्योंकि पाकिस्तान टेरर फंडिंग (Terror Funding) और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) को रोकने में पूरी तरह से नाकाम रहा है। FATF ने अधिकतम पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में बरकरार रख सकता है. पाकिस्तान पहले से ही ग्रे लिस्ट में है. और उसपर ब्लैकलिस्ट होने का खतरा मंडरा रहा है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है की पाकिस्तान अपने तीन दोस्तों की मदद से इस खतरे से बाहर निकल जाएगा।

 

FATF के नियम के अनुसार , किसी देश को ब्लैकलिस्ट होने से बचने के लिए अपने पक्ष में कम से कम तीन वोट चाहिए. अब यदि पाकिस्तान के करीबी चीन, मलेशिया और तुर्की ये कह दें कि पाकिस्तान ग्रे से ब्लैक कैटेगरी में डाउनग्रेड नहीं किया जाएगा, तो FATF को उनका फैसला मानना होगा और पाकिस्तान ब्लैकलिस्ट होने से बच जाएगा.

जानकारी के अनुसार FATF की एशिया पैसिफिक ग्रुप (APG) की रिपोर्ट में पाकिस्तान आतंकियों को फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग रोकने में पूरी तरह असहाय रहा है. ऐसे में आज FATF की बैठक में पाकिस्तान पर कई प्रकार के आर्थिक प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं. लेकिन, वर्तमान समय में चीन और मलेशिया FATF का नेतृत्व कर रहे हैं. तुर्की और सऊदी अरब भी इसके सदस्य देश हैं. चीन, मलेशिया और तुर्की पाकिस्तान को अपना दोस्त मानते हैं. ऐसे में ये तीनों देश पाकिस्तान के पक्ष में वोट करेंगे. पाकिस्तान पहले से ही भारी मंदी की मार और कश्मीर मुद्दे पर दुनिया से अलग थलग पड़ा है। और उसके बाद अब उसपर ब्लैकलिस्ट होने का खतरा मडराने लगा है।

-Mradul tripathi

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