भारत मे आतंकवाद के पीछे पाकिस्तान : European Union

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भारत और पाकिस्तान (India Pakistan war) के बीच चल रही तनातनी अब यूरोपियन यूनियन (European Union ) तक पहुँच गई है। यूरोपियन यूनियन (ईयू) ने जम्‍मू कश्‍मीर के मामले पर आज पाकिस्तान को जमकर फटकार लगाई और भारत का समर्थन किया। ईयू ने जम्‍मू कश्‍मीर से आर्टिकल 370 हटने के साथ ही कश्‍मीर मसले को भारत का द्विपक्षीय मसला बताया है। इसके साथ ही संगठन ने पाकिस्‍तान को एक संदिग्‍ध देश करार दिया है। वहीं यह भी कहा गया कि भारत-पाक को बातचीत के जरिए इस मसले का शांतिपूर्ण समाधान निकालना चाहिए।

इटली के यूरोपीयन पीपुल्‍स पार्टी (European People’s Party) के फुल्‍वियो मार्तुसाइल्‍लो ने कहा कि पाकिस्‍तान ने परमाणु हथियारों के इस्‍तेमाल की धमकी दी है। पाकिस्‍तान ऐसी जगह है जहां के आतंकी यूरोप में आतंकी हमलों को अंजाम देने की योजना बनाने में सक्षम हैं। वहीं पोलैंड के यूरोपीयन कंजर्वेटिव्‍स एंड रिफार्मिस्‍ट ग्रुप (European Conservatives and Reformist Group) के रिसजार्ड ने कहा कि दुनिया में भारत सबसे बड़ा लोकतंत्र है। हमें भारत के जम्‍मू कश्‍मीर में होने वाले आतंकी घटनाओं की जांच करने की जरूरत है। ये आतंकी चांद पर से नहीं आते। वे पड़ोसी देश से आते हैं। हम भारत का समर्थन करते हैं।

साल 2008 के बाद यह दूसरा मौका है जब कश्‍मीर यूरोपियन यूनियन  मे चर्चा हुई हो। यह भी कहा जा रहा है कि पाकिस्‍तान 19 सितंबर यानी गुरुवार को यूएनएचआरसी के जेनेवा हेडक्‍वार्टर पर कश्‍मीर मसले पर एक प्रस्‍ताव पेश कर सकता है। साल 2008 में जब कश्‍मीर मसले पर चर्चा हुई थी जो उस समय कश्‍मीर पर एक प्रस्‍ताव पास हुआ था। पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाला अनुच्छेद 370 (Article 370) को हटा दिया है। इसी के साथ राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया। इसके बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।

 – रंजीता पठारे

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