अफगानिस्तान तक बना रहा आर्थिक गलियारा

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चीन लगातार भारत के लिए परेशानियां खड़ी करता जा रहा है| उसकी हरकतें भारत के लिए चिंता का कारण बन रही हैं| डोकलाम विवाद से लेकर अरुणाचल प्रदेश की सरहद तक भारत और चीन के विवाद बढ़ते ही नजर आते हैं| बीजिंग के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के तहत उसकी अति महत्वाकांक्षी परियोजना चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा बनाने की है| अब वह इस आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) को अफगानिस्तान तक बनाने जा रहा है| सोमवार को एक रिपोर्ट में ये बातें कही गई|

चीन के बोआओ फोरम फॉर एशिया (बीएफए) एनुअल कॉन्फ्रेंस के इतर बीजिंग में जारी की गई एशियन कंपीटिटिवनेस एनुअल रिपोर्ट 2018 में कहा गया कि बीआरआई ने एशिया के आर्थिक सहयोग को उत्साह दिया है और महाद्वीप के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को एक नया आकार देने में मदद की है| चीन ने 50 बिलियन डॉलर लागत की इस परियोजना को अफगानिस्तान तक विस्तार करने की बात कही है, जो भारत के लिए चिंता की बात है| दरअसल चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अपने समकक्षीय के साथ बातचीत में सीपीईसी का अफगानिस्तान तक विस्तार किए जाने का प्रस्ताव दिया था|

वांग यी ने तीनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में कहा था- “चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को सैद्धांतिक तौर पर आपसी हितों को देखते हुए उसे अफगानिस्तान तक बढ़ाना चाहते हैं ताकि सभी को इसका फायदा मिल सके|” चीन और पाकिस्तान को इस परियोजना से आर्थिक विकास और आपसी मुद्दों में एक-दूसरे का साथ मिलेगा और भारत के लिए ये दोनों पड़ोसी देश मुश्किलें पैदा कर सकते हैं|

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