ईरान ने अपने देशवासियों से बोला झूठ, जानिये मिसाइल गिराने का सच

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तेहरान: ईरान ने मेजर जनरल कासिम सुलेमानी (General Qasim Sulemani) की मौत का बदला लेने के लिए अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर करीब दो दर्जन मिसाइल से हमले किए. ईरान (Targeting Missile In Iraq) की तरफ से दावा किया गया कि इस हमले में करीब 80 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, लेकिन बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के इन दावों से इनकार किया था. उन्होंने कहा कि कोई भी अमेरिकी सैनिक इस हमले में नहीं मारा गया. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है की क्या ईरान ने अपने मुल्क से झूठ बोला है. क्या ईरान मिसाइल हमले से अमेरिका को सिर्फ डराना चाहता था. या फिर क्या खुद ईरान भी नहीं चाहता था कि इस हमले में किसी अमेरिकी सैनिक की मौत हो. इस हमले के बाद इराकी सेना ने भी कहा कि इससे उन्हें भी कोई नुकसान नहीं हुआ.

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क्यों दागी मिसाइल-

ईरान ने मिसाइल (Targeting Missile In Iraq) से अमेरिका के दो एयरबेस अल-अशद  और इरबिल (Airbase Al-Ashad And Irbil) को निशाना बनाने की कोशिश की. जानकारी के अनुसार फतेह-313 और क़ियम मिसाइल से निशाना साधा गया, लेकिन इस हमले से अमेरिकी सेना को कोई नुकसान नहीं हुआ. अमेरिकी आर्मी के जनरल मार्क (American Army General Mark) मिले के अनुसार इस हमले का मकसद सेना की गाड़ी और उनके समानों को नुकसान पहुंचाना था. उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना ​​है कि मैंने जो देखा और जो मुझे पता है, उसके आधार पर मैं ये कह सकता हूं कि इस हमले का उद्देश्य स्ट्रक्चर डैमेज, वाहनों और उपकरणों और विमानों को नष्ट करना और कर्मियों को मारना था. यह मेरा अपना व्यक्तिगत मूल्यांकन है.’

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मिसाइल कहा गिरे-

जानकारी के अनुसार देर रात 1:45 से 2:15 के बीच 22 मिसाइलें (Targeting Missile In Iraq) दागी गई. इसमें से 17 मिसाइलें अल असद एयरबेस की तरफ दागी गई. अब इस हमले की सेटेलाइट तस्वीरें भी आ गई है. मिडिलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ (Middlebury Institute of International Studies) के लिए इन तस्वीरों को प्लानेट लैब ने जारी किया है. इसमें देखा जा सकता है कि अल असद के पास पांच स्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया. जबकि कई ऐसे निशाने साधे गए जो बेकार थे और इससे कोई नुकसान नहीं हुआ. एक मिसाइल तो अल असद एयर बेस से 40 किलोमीटर दूर हितान के गांव में गिरे. एक मिसाइल इरबिल से 47 किलोमीटर दूर बराह में गिरे.

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-Mradul tripathi

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