Coronavirus से दुनिया में मचा हाहाकार, 74 हज़ार हुए शिकार

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चीन से दुनिया में फैला कोरोना वायरस (Coronavirus Havoc) लगातार तबाही मचा रहा है लेकिन चीनी सरकार कह रही है कि अब इसका प्रकोप कम होने लगा है। चीन में इस वायरस से मरने वालों की संख्या 2 हजार तक पहुंच गई है जबकि इस वायरस से संक्रमित होने वालों का आंकड़ा 74 हजार के पार जा चुका है। इस वायरस को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव (UN Secretary-General) एंटोनियो गुटेरेस (Antonio Guterres) ने कहा कि, “संक्रमण ना केवल नियंत्रण से बाहर है बल्कि यह काफी खतरनाक स्थिति पर जा पहुंचा है।” भारत ने अपने नागरिकों को चीन से निकालने के लिए एयर इंडिया (Air India) के 2 विमान भेजे थे और चीन से कुल 640 भारतीयों को वापस बुलाया था जिन्हें मानेसर कैंप (Manesar camp) और आईटीबीपी के शिविर (ITBP Camp) में कड़ी निगरानी में रखा गया था। वहीं अब भारत चीन के वुहान शहर में फंसे अन्य भारतीयों को वापस स्वदेश लाने के लिए एक सी -17 सैन्य परिवहन विमान (C-17 military transport aircraft) भेजने जा रहा है। यह विमान गुरुवार को वुहान भेजा जाएगा जहां से यह भारतीय नागरिकों को लेकर स्वदेश लौटेगा साथ ही साथ कोरोनो वायरस (Coronavirus Havoc) से प्रभावित चीन के लोगों को चिकित्सा आपूर्ति की खेप भी प्रदान करेगा। बता दें कि C-17 विमान (C-17 military transport aircraft) ग्लोबमास्टर भारतीय वायु सेना (Indian Air Force) की सूची में सबसे बड़ा सैन्य विमान है जो हर तरह के मौसम में लंबी दूरी तक बड़े उपकरणों, सैनिकों और मानवीय सहायता ले जाने में सक्षम है।

बड़ी खबर – चीन से लौटे भारतीयों को नहीं हैं Coronavirus

Coronavirus ने दुनिया के 22 देशों को अपनी चपेट में ले लिया है वहीं इस वायरस (Coronavirus Havoc) की वजह से हांगकांग में दूसरी मौत भी दर्ज की गई है। मिली जानकारी के मुताबिक़ हांगकांग के राजकुमारी मार्गरेट अस्पताल (Princess Margaret Hospital) में 70 वर्षीय मरीज मरीज की मौत इलाज के दौरान हो गई। जिस शख्स की मौत इस वायरस की वजह से हुई वह बीती 22 जनवरी को ही चीन से लौटा था और कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित था जिसकी बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इस वायरस की वजह से लगातार मौतों का आंकड़ा बढ़ता चला जा रहा है और इस वायरस का कोई भी इलाज नहीं खोजा जा सका है। वहीं चीनी सरकार (Chinese government) का कहना है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रकोप धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। दरअसल चीन के प्रमुख चिकित्सा सलाहकार (Chief Medical Advisor) जोंग नानशान (Zhong Nanshan) 83 ने कहा कि कई हिस्सों में संक्रमण के नए मामले धीरे-धीरे कम होने लगे हैं। हालांकि उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि फरवरी माह में इस वायरस का सबसे ज्यादा नुकसान देखने को मिल सकता है। वहीं उन्होंने उम्मीद जताई कि अप्रैल माह तक इस जानलेवा वायरस से छुटकारा मिल सकता है। जोंग नानशान (Zhong Nanshan) वही हैं जिन्होंने साल 2003 में सार्स वायरस (SARS) से निपटने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी और तभी से वे चर्चा में आए थे। चूंकि पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इस वायरस (Coronavirus Havoc) का इलाज खोजने में जुटे हुए हैं लेकिन अभी तक इसमें उन्हें कोई सफलता नहीं मिली है। हालांकि जोंग ने संभावना जताई है कि तापमान बढ़ने पर इस वायरस का असर कम होने लगेगा लेकिन अभी इसका कोई वैज्ञानिक आधार है या नहीं यह स्पष्ट नहीं है।

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चीन (Coronavirus Havoc) में लगातार संक्रमण के मामले सामने आने की वजह से वुहान शहर (City Wuhan) में मास्क और रक्षात्मक बॉडीसूट (Masks and protective bodysuits) की कमी हो गई है। इन सभी सुरक्षा साधनों (Safety equipment) की कमी के चलते मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर्स भी इस वायरस की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मियों (Health workers) का कहना है कि कुछ डॉक्टरों में सांस संबंधी समस्या (Respiratory problems) के लक्षण नजर आ रहे हैं, लेकिन चिकित्सा कर्मियों की पर्याप्त संख्या न होने की वजह से उन्हें लगातार काम करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि भारत की राजधानी दिल्ली (Delhi) के छावला में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के कैम्प (Indo-Tibetan Border Police Camp) में रखे गए लोगों के अंतिम बैच को भी घर जाने की अनुमति दे दी गई है। इस बैच में 6 लोग शामिल थे जिनकी स्क्रीनिंग कर उन्हें छुट्टी दे दी गई। बता दें कि आईटीबीपी शिविर (ITBP Camp) में कुल 406 लोगों को रखा गया था।

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Prabhat Jain

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