Bishkek SCO Summit 2019 Live : मोदी ने इमरान को मुड़कर भी नहीं देखा

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देखा ना तूने मुड़ के भी पीछे, कुछ देर तो मैं रुका था…| आपने ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ एक गीत का यह अंतरा तो अवश्य सुना होगा| इस गीत की ये पंक्तियां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बिश्केक (Bishkek SCO Summit) दौरे के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर एकदम सटीक बैठी | सिचुएशन ही कुछ ऐसी बनी कि बरबस ही यह गीत याद आ गया |

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एससीओ सम्मेलन (Bishkek SCO Summit) के लिए दोनों नेता एक वक्त पर हॉल में आए थे |  पीएम मोदी इमरान खान के आगे-आगे चल रहे थे| इस दौरान इमरान खान मोदी के पलटने का इंतज़ार करते रहे ताकि कुछ बात हो सके परन्तु मोदी ने उन्हें मुड़कर भी नहीं देखा और चलते रहे| Bishkek SCO Summit में डिनर के दौरान भी दोनों नेताओं ने एक ही वक्त पर एंट्री की, लेकिन फिर भी पीएम मोदी और इमरान खान ने न ही हाथ मिलाया और न ही नज़रें मिलाईं| यहां तक कि प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में इमरान खान से हाथ तक नहीं मिलाया|

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दरअसल, पीएम मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के लिए किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक में हैं, लेकिन दोनों के बीच न ही कोई बातचीत हुई और न ही औपचारिक अभिवादन| हालांकि समिट के लिए निकलने से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा था कि भारत के साथ उनके देश के संबंध शायद अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहे हैं| इसके अलावा उन्होंने आशा जताई थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर सहित सभी मतभेदों को हल करने के लिए अपने ‘प्रचंड जनादेश’ का उपयोग करेंगे|

बिश्केक के लिए रवाना होने से पहले एक ‘इंटरव्यू’ में इमरान खान ने कहा था कि एससीओ सम्मेलन ने उन्हें दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के लिए भारतीय नेतृत्व के साथ बात करने का अवसर दिया है| खान ने कहा कि एससीओ सम्मेलन ने पाकिस्तान को भारत सहित अन्य देशों के साथ अपना संबंध विकसित करने के लिए एक नया मंच दिया है|

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खान ने कहा कि पाकिस्तान किसी भी तरह की मध्यस्थता के लिए तैयार है और अपने सभी पड़ोसियों, खासतौर पर भारत के साथ शांति की उम्मीद करता है| उन्होंने कहा कि तीन छोटे युद्धों ने दोनों देशों को इस कदर नुकसान पहुंचाया कि वे अभी भी गरीबी के भंवर जाल में फंसे हुए हैं|

गौरतलब है कि पुलवामा के बाद से ही भारत ने पाकिस्तान के प्रति अपना कड़ा रुख बनाए रखा है| आतंक के साथ-साथ बातचीत की किसी भी गुंजाइश से भारत का इनकार है|

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