मानसरोवर यात्रा पर बड़ा फैसला

0

डोकलाम विवाद और मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने पर चीनी अड़ंगे के बीच भारत-चीन के रिश्तों में खटास अब कम होती नजर आ रही है। शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन से पहले मंत्री स्तर की वार्ता के लिए बीजिंग गई विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की रविवार को अपने चीनी समकक्ष वांग यी से वार्ता हुई। इसके तुरंत बाद 27 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी के चीन दौरे की घोषणा कर दी गई है।

फिर से शुरू होगी कैलाश यात्रा

सुषमा ने वांग के साथ संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहा कि हम इस बात से खुश हैं कि इस साल नाथू ला मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि इस साल चीन के सहयोग से यात्रा भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए संतोष देने वाला अनुभव होगी। गौरतलब है कि पिछ साल डोकलाम में भारत के साथ सैन्य गतिरोध के बाद चीन ने यात्रा रोक दी थी।

इन मुद्दों पर भी हुई बात

इस द्विपक्षीय वार्ता के दौरान आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल हेल्थकेयर सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत हुई। बातचीत के बाद स्वराज ने कहा कि 2018 में चीन भारत को सतलुज और ब्रह्मपुत्र नदी से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराएगा। सुषमा स्वराज ने आगे कहा कि मैं भारत के साथ सीमा मुद्दे पर चीन की विशेष प्रतिनिधि बनने से बहुत खुश हूं।

हर साल अलग-अलग मार्गों से होती है यात्रा

आपको बता दें कि विदेश मंत्रालय हर साल दो अलग-अलग मार्गों से जून से सितंबर तक यात्रा का आयोजन करता है। इन दो मार्गों में लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथू ला दर्रा (सिक्किम) हैं।

Share.