6 साल बाद पकड़ाया घुसपैठिया

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न जानें क्यों,  पर शायद आपके भी ज़हन में रिफ्यूजी (Refugee) शब्द सुनते ही कुछ ऐसी काल्पनिक छवि (imaginary picture) बनती होगी, जिसमें हज़ारों लोग एक जगह से दूसरी जगह एक आशियाने (home) की तलाश में बस चलते चले जा रहे हो। वैसे तो रिफ्यूजी (refugee) एक फ्रेंच (French) शब्द है, लेकिन शायद आपको यह पता न हो कि रिफ्यूजी (Refugee) शब्द (हिंदी में शरणार्थी कहते हैं) पहली बार उन प्रोटेस्टंट्स (protestants) को कहा गया था, जो 1685 में फ्रांस (France) में जा बसे थे। Refugee शब्द को एक दशक भी (intruder caught after 6 years) नहीं लगे और यह इतना सामान्य हो गया की अंग्रेजी के अलावा अन्य भाषाओँ (languages) ने भी इसे अपना लिया।  आज यही शरणार्थी (refugee) दुनिया के लगभग सभी देशों के लिए एक बड़ी चुनौती हैं।

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एक खबर के मुताबिक, बुधवार को असम के ढुबरी ज़िले (Assam’s Dubri District) से एक 27 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार (Bangladesh citizen is arrested) किया है। यूं तो ऐसे सैकड़ों घुसपैठिये आए दिन भारत की सीमा में घुसते हैं, लेकिन इस 27 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक की कहानी कुछ खास है। दरअसल, जैसे ही इन जनाब को गिरफ्तार किया वे लड़ने लगे। बात यह हुई कि जब जनाब को गिरफ्तार किया गया, (intruder caught after 6 years) तो उनका कहना था, “हमने भारत में घुसने की टिकट (ticket) के पैसे दिए थे। जब पुलिस ने मामले की जांच की तो पता चला की घुसपैठिये ने बांग्लादेश के सीमा गार्ड कर्मियों (border guard security)  को 4,200 टका (Taka) दिए थे,  जिसकी वो बात कर रहा था।

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दरअसल, बांग्लादेश की मुद्रा (currency) को टका कहा जाता है। यदि इस टका को भारतीय करेंसी (Indian Currency) से समझें तो यह लगभग Rs 3275. 80 पैसे हैं। जब जांच हुई, तो पता चला इनका नाम एन्युल हक (Aynul Haque) है और इनके पिता मो सर्फुद्दीन शेख़ (Mohammed Sarifuddin Sheikh) है। हक के बयानों (intruder caught after 6 years) से पता चला कि पड़ोसी देश के लोगों का भारत में अवैध रूप से प्रवेश करना (illegal entry in India) और यहां रहना कितना आसान है। भारत में रहना तक तो ठीक था, लेकिन यह जानब इतने होशियार निकले कि आज़ाद अली नाम के अधिकारी (जो की डॉक्यूमेंट (document) अधिकारी थे), उनसे इन्होंने बाकायदा जाली पैन कार्ड और आधार कार्ड (illegal pan card and Aadhar card) भी बनवा लिए।

पश्चिम बंगाल (West Bengal), दिल्ली (New Delhi), हरियाणा (Haryana) और राजस्थान (Rajasthan) में मज़दूरी करने वाले हक़ ने असम के बोंगइगॉन (Bongaigaon) ज़िले की लड़की (intruder caught after 6 years) सरिफा बेगम (Sarifa Begum) से शादी भी कर ली और अब इन दंपति का 2 साल का एक बच्चा भी है। 2013 में भारत आया हक़ बांग्लादेश में रह रहे पिता को अब तक 7 लाख रुपये भी भेज चुका है।

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