भ्रष्‍टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, 60 की मौत

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बगदाद: बेरोजगारी, सरकारी भ्रष्टाचार और बुनियादी सेवाओं की कमी को लेकर इराक(corruption) की राजधानी बगदाद और वहां के कई प्रांतों में पिछले एक सप्ताह से भारी प्रदर्शन हो रहा है। और यह विरोध प्रदर्शन(Iraq protest) इस हद तक हिंसक मोड़ पर पहुंच गया है पिछले चार दिनों से प्रदर्शनकारी और पुलिस के भी झड़प चल रही है। धीरे धीरे यह प्रदर्शन इराकी प्रांतों में भी फैल गया जब सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कई प्रांतीय सरकारी भवनों और प्रमुख राजनीतिक दलों के कार्यालयों पर हमला किया और आग के हवाले कर दिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में अब तक कम से कम 60 लोगों की मौत हो चुकी है, इनमें बगदाद के एक ही अस्पताल में 18 लोगों की मौत शामिल है. इसके अलावा 1600 से अधिक लोग घायल हुए हैं.

हिंसक विरोध प्रदर्शनों (Iraq protest)करने वालों के द्वारा तेजतर्रार नेता मौलाना मुक्तदा अल सद्र ने सरकार से इस्तीफा देने की मांग की है. मुक्तदा अल सद्र के द्वारा दिए गए एक बयान में कहा गया है की ‘और अधिक मौतों से बचने के लिए सरकार को इस्तीफा देना चाहिये और संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में मध्यावधि चुनाव कराए जाने चाहिए.’ उन्होंने कहा कि इराक के लोगों का खून बह रहा है और वह चुप नहीं रह सकते. गौरतलब है कि संसद में पूर्व शिया मिलिशिया नेता मुक्तदा अल सद्र के दल के सबसे अधिक सदस्य हैं.

इतना सब होने के बाद भी प्रधानमंत्री मेहदी अपने कठोर रुख पर कायम हैं. उन्होंने शुक्रवार को सुरक्षाबलों की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रदर्शनकारियों से निपट रहे हैं
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने इराक सरकार और सुरक्षा बलों को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के अधिकारों का सम्मान करने को कहा.

-Mradul tripathi

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