इंडोनेशिया में एक अफवाह पर आंदोलन फिर हिंसक प्रदर्शन, 20 लोगों की मौत, 70 घायल

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जकार्ता:  इंडोनेशिया के पापुआ प्रांत में सोमवार को एक छोटी सी बात को लेकर सैकड़ों लोगों द्वारा हिंसक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कम से कम 20 व्यक्ति मारे गए और 70 से अधिक घायल हो गए। इनमे से तीन व्यक्तियों की मौत प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलीबारी से हुई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अशांत पापुआ प्रांत में यह हिंसा एक अफवाह पर शुरू हुआ। बता दे वामेना में एक हाईस्कूल शिक्षक की नस्ली टिप्पणी से छात्र भड़क गए थे (Indonesia Papua Province)। शिक्षक जो कि पापुआ से नहीं है, उसने पापुआ के एक मूल निवासी छात्र को बंदर कहा और आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया। हालांकि पुलिस ने इस बात से इंकार किया है।

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उन्होंने कहा कि पुलिस जांच में छात्र के खिलाफ किसी नस्ली दुर्व्यवहार का सबूत नहीं मिला। यह अफवाह अन्य स्कूलों के छात्रों और मूल निवासी समुदायों में फैल रही थी (Indonesia Papua Province)। हिंसा को काबू में करने के लिए हजारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। सोमवार को वामेना का एयरपोर्ट भी बंद रहा और 20 उड़ानें रद्द कर दी गई।

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पापुआ पुलिस प्रमुख रूडोल्फ अलबर्थ रोद्जा ने बताया कि नाराज भीड़ ने स्थानीय सरकारी इमारतों, दुकानों और घरों में आग लगा दी। भीड़ ने वामेना शहर में जिला प्रमुख कार्यालय की ओर जाने वाली कई सड़कों पर कार एवं मोटरसाइकिलों को आग लगा दी। पापुआ के सैन्य प्रवक्ता इको दार्यांतो ने कहा कि वामेना में कम से कम 20 नागरिक मारे गए जिसमें 13 इंडोनेशिया (Indonesia Papua Province) के अन्य प्रांतों के हैं। इनमें से अधिकतर की मृत्यु जलते मकानों या दुकानों में फंसने के चलते हुई। अब भी कई लोग आग में फंसे हुए हैं इसलिए मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि कम से कम एक सैनिक और तीन अन्य नागरिक पापुआ प्रांत की राजधानी जयापुरा में प्रदर्शन के दौरान मारे गए। वामेना में करीब 65 नागरिक घायल हो गए और जयापुरा में पांच पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

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-Amit shukla /Mradul tripathi

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