अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और विश्व संगीत दिवस विशेष

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आज एक अनूठा संगम है | दो मुख्य दिवस आज एक साथ मनाये जाने वाले हैं| एक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day ) और दूसरा विश्व संगीत दिवस (World music day) । योग और संगीत दोनों की ही अपनी अलग -अलग महत्ता है और दोनों ही अपने क्षेत्र में प्रासांगिक हैं।


योग दिवस (International Yoga Day )
योग शब्द संस्कृत भाषा के युज से लिया गया है,योग शब्द के दो अर्थ होते हैं पहला – समाधी और दूसरा अर्थ होता है एक साथ जुड़ना।योग प्राचीन काल से ही हमारी भारतीय संस्कृति का हिस्सा है योग के जरिये तन , मन और आत्मा को एक साथ लाने (योग) का काम होता है । पिछले कुछ सालों से यह देश -विदेशों में बहुत अधिक प्रचलित हो रहा है। इसे एक दिवस में मनाने की शुरुआत 21 जून 2015 से हुयी है और यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में 27 सितम्बर 2014 को योग से सम्बंधित एक प्रभावशाली भाषण देकर की थी तब से इसे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। योग के जरिये कई असाध्य रोगों को ठीक किया जा सकता है। इसकी मदद से हम शारीरिक और मानसिक दोनों ही रूपों से बलवान होते हैं और एक सफल जीवन जीने केलिए ये बेहद जरुरी है।योग में कई सरे आसान होते है , इसको अपने दैनिक जीवन में शामिल करने से एकाग्रता बढ़ती हैं ,तनाव कम होता है ,याददाश्त शक्ति तेज होती है और शरीर निरोगी और स्वस्थ बना रहता है।


संगीत दिवस (World music day)
संगीत का अर्थ होता है मधुर ध्वनियाँ। इसे एक दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत फ्रांस से 1942 में हुई थी तब से लेकर इसे दुनिया भर में मनाया जाता है। शायद ही कोई व्यक्ति होगा जिसे संगीत पसंद न हो ,संगीत के माध्यम से शारीरिक और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। संगीत हमारे हर तरफ फैला हुआ है और संगीत में इतनी ताकत होती है कि यह दुखी से दुखी इंसान को भी खुश कर सकता है। दुनिया भर में कई महान संगीतकार हुए हैं हमारे लिए गर्व की बात है कि उसमे भारत के संगीतकार भी शामिल हैं। संगीत के कई रूप होते हैं शास्त्रीय संगीत , रॉक म्यूजिक ,फोक म्यूजिक ,वेस्टर्न म्यूजिक आदि ,इसकी सबसे खूबसूरत बात यह है कि यह हर विधा में कानों को और मन को सुकून देता है। संगीत केवल सात सुरों से ही नहीं बंधा होता बल्कि इसे बांधने के लिए सरहदों की सीमाएं भी कम पड़ जाती हैं |

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