पटेल की मूर्ति पीएम मोदी का ‘पॉलिटिकल ईगो’

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आजाद भारत के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 143वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का अनावरण किया। आजादी के बाद सैकड़ों रियासतो में बंटे भारत का एकीकरण करने वाले लौहपुरुष सरदार पटेल की प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के ऐतिहासिक अनावरण पर दुनियाभर की मीडिया की नज़र रही।

विदेशी मीडिया में इस प्रतिमा के अनावरण की तारीफ और आलोचना दोनों हुई हैं। कुछ संस्थानों का कहना है कि यह ”भारत की समृद्धि को दिखाता है” तो कुछ विदेशी मीडिया ने इसे ”बीजेपी द्वारा एक लोकप्रिय नेता की विरासत को हड़पने का प्रयास” करार दिया गया है। गणतंत्र दिवस की तर्ज पर वल्लभभाई पटेल के जन्मदिवस के उत्सव का आयोजन किया गया।

वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” भारत को दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होने की शेखी झाड़ने का अधिकार देगी| 600 फीट ऊंची यह प्रतिमा भारत की वैश्विक महत्वाकांक्षा के साथ-साथ इसके नेता के ‘पॉलिटिकल ईगो’ के बारे में भी बताता है|” लेख में आगे कहा गया, “माना जा रहा है कि इस प्रतिमा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन मोर्चों, अपने हिंदू राजनीतिक आधार की स्वीकृति, अपने गृह राज्य में एक ऐतिहासिक स्थल और बढ़ती वैश्विक शक्ति के रूप में पहचान, पर जीत हासिल होगी|

अमरीकी मीडिया में इस प्रतिमा के अनावरण को अनौपचारिक तौर पर बीजेपी द्वारा 2019 के आम चुनावों के प्रचार की शुरूआत बताया गया । पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, “यह प्रतिमा पीएम मोदी की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा लोकप्रिय राष्ट्रीय नेता को हथियाने की मिसाल है क्योंकि पटेल कांग्रेस के नेता थे, जो इस समय भारतीय संसद में बीजेपी के विपक्ष में बैठती है”

जियो न्यूज़ ने कहा कि यह भारत में “राष्ट्रवादी उत्साह का एक विस्फोट है”, ऐसे समय जब भारत में अगले साल आम चुनाव होने हैं तो इस मेगा प्रोजेक्ट के पीछे राजनीतिक उद्देश्य भी है। इसी तरह अलग अलग देशों से पटेल की प्रतिमा के अनावरण को लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जो भी हो विपक्षी पार्टियों और विदेशी मीडिया की प्रतिक्रयाओं को अनदेखा कर दिया जाए तो ये क्षण भारतीयों के लिए गर्व भरा है।

तीन साल बाद ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ नहीं रहेगी सबसे ऊंची प्रतिमा

Video: पीएम ने देश को समर्पित की ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’  

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