VIDEO : आखिर क्यों मोदी डरे जेपीसी के गठन से…

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इस समय देश में तीन राज्यों में मुख्यमंत्री और राफेल को लेकर चर्चा हो रही है। कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर राफेल को लेकर हमला कर रही है। विपक्षी दल केंद्र सरकार से ज्वाइंट पार्लियामेंटरी कमेटी (जेपीसी) के गठन की मांग उठा रही है। हालांकि सरकार इसके गठन को तैयार नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जेपीसी के गठन की मांग एक बार फिर उठाई है। आखिर क्या कारण है कि मोदी सरकार ने जेपीसी गठन से इनकार कर दिया। आइए जानते हैं कि क्या है जेपीसी और इससे होने वाले परिणाम…

क्या है जेपीसी ?

जेपीसी एक समिति होती है, जिसमें सभी दलों की समान भागीदारी होती है। इसमें यह अधिकार होते हैं कि किसी भी व्यक्ति, संस्था या किसी भी उस पक्ष को बुलाया जा सकता है और उससे पूछताछ की जा सकती है। यदि वह व्यक्ति, संस्था या पक्ष जेपीसी के समक्ष पेश नहीं होता है तो वह उल्लंघन माना जाएगा। इसके बाद जेपीसी संबंधित व्यक्ति या संस्था से इस पर लिखित या मौखिक जवाब या फिर दोनों मांग सकती है। इस समिति में अधिकतम 30-31 सदस्य होते हैं। इसमें चेयरमैन बहुमत वाली पार्टी के सदस्य को बनाया जाता है। किसी भी मामले की जांच के लिए समिति के पास अधिकतम तीन महीने की समयसीमा होती है, जिसके बाद संसद के समक्ष उसे अपनी जांच रिपोर्ट पेश करनी होती है।

मोदी क्यों डर रहे हैं ?

जेपीसी के इतिहास पर नज़र डालें तो पिछले 70 वर्षों में 8 बार इसका गठन किया गया। इसमें 5 दफा ऐसा हुआ है कि जेपीसी के कारण सत्ताधारी पार्टी को अगले चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। मोदी सरकार शायद इसी डर से जेपीसी गठन के कतरा रही है।

कब-कब हुआ जेपीसी का गठन ?

– जेपीसी का सबसे पहले गठन वर्ष 1987 में हुआ था। तब राजीव गांधी सरकार पर बोफोर्स तोप खरीदी मामले में घोटाले का आरोप लगा था। इस कारण दो साल बाद 1989 में कांग्रेस आम चुनाव हार गई थी।

– 1992 में दूसरी बार जेपीसी का गठन हुआ था। तब पीवी नरसिंहराव की सरकार पर सुरक्षा एवं बैंकिंग लेन-देन में अनियमितता का आरोप लगा था। उसके बाद 1996 में आम चुनाव में कांग्रेस हार गई थी।

– वर्ष 2003 में जेपीसी का गठन भारत में बनने वाले सॉफ्ट ड्रिंक्स और पेय पदार्थों में कीटनाशक होने की जांच के लिए किया गया। इसका परिणाम निकला कि अटल सरकार अगला आम चुनाव हार गई।

– 2011 में टूजी स्पेक्ट्रम घाटाले की जांच को लेकर भी जेपीसी का गठन हुआ था।

– 2013 में चॉपर घोटाले की जांच को लेकर जेपीसी का गठन हुआ था। इसका असर ये हुआ कि कांग्रेस 2014 का चुनाव हार गई।

– 2016 में एनआरसी मुद्दे को लेकर जेपीसी का गठन हुआ। इसका कोई परिणाम निकलकर सामने नहीं आया।

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