Karunanidhi Death: जानिए कौन संभालेगा करुणानिधि की विरासत?

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तमिलनाडु में राजनीति की एक पीढ़ी का अंत हो गया| जयललिता के बाद मुथुवेल करूणानिधि का निधन तमिलनाडु की राजनीति को एक बड़ा झटका है| अब प्रजातंत्र में भले ही राजशाही का कोई अस्तित्व नहीं रहा, लेकिन एक अच्छा नेता लोगों के दिलों का राजा ज़रूर बन जाता है| राजाजी हॉल में रखे एम.करूणानिधि के पार्थिव शरीर के दर्शन के लिए लाखों की भीड़ उमड़ी है| उनकी एक झलक पाने के लिए नेता, अभिनेता सभी लाइन में लगे हैं| जहां एक ओर करुणानिधि की याद में उनके समर्थकों का बुरा हाल हो रहा है, वहीं अब उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी की चर्चा भी शुरू हो गई है|

पहले यह कहा जा रहा था कि करुणानिधि की मौत के बाद उनके बच्चों के बीच सियासत पाने के लिए विवाद होगा, लेकिन अब यह आसानी से तय हो गया कि  द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की कमान, जो एम.करुणानिधि के हाथ में थी, अब वह किसके पास रहेगी|

दरअसल, यह सवाल हमेशा से ही उठता आ रहा है कि पार्टी की कमान किसके पास रहेगी, लेकिन 2 साल पहले उन्होंने इस सवाल पर विराम लगाते हुए अपने बेटे एमके स्टालिन को सियासी वारिस घोषित कर दिया था| उन्होंने 2016 में स्टालिन को अपना वारिस घोषित करते हुए कहा था कि इसका यह मतलब नहीं है वे खुद संन्यास ले रहे हैं| यह घोषणा पार्टी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश है कि पार्टी का उत्तराधिकारी मौजूद है| साथ ही अझागिरी और स्टालिन गुटों के बीच चल रहे सत्ता संघर्ष पर विराम लगाने की कोशिश भी थी|

डीएमके ने पिछले साल जनवरी में स्टालिन को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था, लेकिन पार्टी की कमान अभी तक करुणानिधि के हाथ में ही थी| स्टालिन पार्टी के अन्य नेताओं की तुलना में आम लोगों से कहीं भी मिल लेते हैं, इस कारण वह लोगों में काफी तेज़ी से लोकप्रिय हो गए इसलिए उन्हें वारिस चुना गया| वहीं  राज्यसभा सांसद और करुणानिधि की बेटी कनिमोझी ने मई 2016 में स्वीकार किया कि उनके पिता करुणानिधि के बाद सौतेले भाई स्टालिन ही पार्टी संभालेंगे|

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