3 करोड़ बच्चे मौत के कगार पर

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समय से पूर्व जन्मे तकरीबन  3 करोड़ बच्चों की ज़िंदगी खतरे में है। यह खुलासा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और संयुक्त राष्ट्र बाल निधि (यूनिसेफ) सहित वैश्विक संगठन की एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि लगभग 3 करोड़ बच्चे मौत के कगार पर हैं। उन्हें मौत के मुंह से बचाने के लिए खास देखभाल की ज़रूरत है।

यूनिसेफ के उप कार्यकारी निदेशक उमर अब्दी का कहना है कि समय से पूर्व जन्मे बच्चे और उसकी मां की बात की जाए तो सही जगह पर सही समय पर और सही देखभाल ही इस स्थिति में सुधार ला सकती है। अब्दी ने कहा कि यह हमारा सामूहिक कर्तव्य एवं जिम्मेदारी है कि उन्हें सुविधा उपलब्ध कराई जाए,जो उनका अधिकार है ताकि उनका जीवन बचाया जा सके।

रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि समय से पूर्व जन्म लेने वाले नवजात में कई प्रकार की शिकायतें होती हैं जैसे प्रसव के दौरान मस्तिष्क की समस्या, गंभीर जीवाणु संक्रमण, पीलिया जैसी गंभीर बीमारी और अक्षमता आदि का खतरा रहता है। वहीं रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हर मां और बच्चे का अच्छा स्वास्थ्य, गर्भधारण करने के बाद से, बच्चे के जन्म लेने के बाद 3 महीने तक निर्भर करता है। सभी को इस दिशा में जागरूक होना चाहिए और नवजात एवं मां के स्वास्थ्य के प्रति अपना कर्तव्य निभाना चाहिए। नवजात के शुरुआती विकास से परिवार, समाज और भविष्य की पीढ़ियों पर असर पड़ता है।

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