LIVE : सदन में तीन तलाक पर बहस

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शीतकालीन सत्र के 10वें दिन यानी गुरुवार को सदन में फिर हंगामा हो रहा है| लोकसभा में तीन तलाक (LIVE Discussion on Triple Talaq Bill in Parliament ) पर पाबंदी लगाने वाले मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2018 पर जोर-शोर से चर्चा हो रही है| कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सदन में बिल पेश किया| सदन में कई तरह के उदाहरण दिए गए और इस बिल पर सवाल उठाए गए हैं|

LIVE Discussion on Triple Talaq Bill in Parliament :

लोकसभा में पास हुआ मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक

5 घंटे चली चर्चा के बाद विधेयक के पक्ष में 245 और विरोध में 11 वोट पड़े, जबकि वोटिंग के दौरान कांग्रेस, एआईएडीएमके, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने वॉक आउट कर दिया| अब यह विधेयक राज्यसभा में जाएगा| लोकसभा में कई सदस्यों के वॉक आउट करने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि विधेयक राज्यसभा में एक बार फिर अटक सकता है|

शाम 6.35 बजे : कांग्रेस ने सदन से किया वॉकआउट

शाम 6.33 बजे : समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने का बिल

कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा, “यह बिल समाज को बांटने का बिल, समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने का बिल है| यह संविधान के खिलाफ हैं, मुस्लिम पर्सनल लॉ के खिलाफ है| आर्टिकल 21 और 25 का उल्लंघन करता है यह बिल|”

शाम 6.25 बजे : क्या महिलाओं को तंग होने दें

केंद्रीय कानून मंत्री ने आगे कहा, “यदि बिल पारित नहीं हो रहा है तो क्या हम महिलाओं को तीन तलाक के नाम पर तंग होने दें| इसी वजह से हम अध्यादेश लेकर आए थे क्योंकि राजनीतिक वजहों से बिल का विरोध हो रहा था| अध्यादेश के बाद तीन तलाक के मामलों में कमी जरूर आई है लेकिन अब भी यह कुरीति जारी है|”

शाम 6.15 बजे : बिल में हुए हैं सुधार

रविशंकर प्रसाद  ने आगे कहा, “मामले में आपत्ति थी कि कोई पड़ोसी मामला न दर्ज करा दे और सुलह भी हो सकती है, इसलिए इनमें सुधार किए गए| अब सवाल उठाया जा रहा है कि पीड़ित महिलाओं को भत्ता और मुआवजा कैसे मिलेगा, इसे मजिस्ट्रेट के विवेक पर छोड़ दिया गया| ये महिलाओं के इंसाफ के लिए लाया गया है| कोर्ट के फैसले के बाद भी तीन तलाक दिया जा रहा है| पीड़ित महिलाओं की पुलिस में भी सुनवाई नहीं थी, क्योंकि कोर्ट का फैसला था कोई कानून नहीं लाया गया था| 22 इस्लामिक देशों में इस बिल में सुधार लाया गया है| सभी इस्लामिक देशों में इसमें बदलाव किया जा सकता है, लेकिन हिन्दुस्तान में ऐसा नहीं हो पा रहा है| यहां तक की पाकिस्तान भी भारत से इस मामले में सीख ले रहा है, पूरा देश हिन्दुस्तान को देख रहा है| हमें मोदी सरकार पर गर्व हैं, उनकी सरकार में कई महिला मंत्री हैं| हमें मालुम है कि महिलाओं का आगे बढ़ना इस देश के लिए और उनके अधिकार के लिए जरुरी है|”

शाम 6.05 बजे : कई उदाहरण पेश किए

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद  ने कहा, “रोटी काली हुई तो 3 तलाक, वजन बढ़ गया तो 3 तालाक, एक वकील साहब ने पत्नी के भी वकालत करने की मांग पर 3 तलाक दिया| महिला सदस्यों ने बहस को उच्च स्तर पर पहुंचाने में मदद की| सदन में किसी ने तीन तलाक का समर्थन नहीं किया लेकिन बिल का विरोध जरूर किया| यदि तीन तलाक गलत है तो क्या संसद इस मुद्दे पर शांत रहेगी| महिलाओं के साथ बदसूलकी की कहानी बहुत लंबी है, आपको इनकी तरफ भी देखना चाहिए|”

महिलाओं से संबंधित कई अन्य अपराधों में भी सजा का प्रावधान है, उसमें तो किसी को आपत्ति नहीं हुई| 3 तलाक के मामले में सजा के प्रावधान पर क्यों किसी को आपत्ति हो रही है|

दोपहर 6.00 बजे : कल्चर और मान्यता का उल्लंघन

असदुद्दीन ओवैसी ने आगे कहा, “ट्रिपल तलाक क्या हमारी कल्चर और मान्यता का उल्लंघन नहीं है| समलैंगिक रिश्तों को अपराध की श्रेणी से हटाया गया, लेकिन ट्रिपल तलाक को अपराध की श्रेणी में रखा गया|”

शाम 5.55 बजे : तीन तलाक बिल पर बोले ओवैसी

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “मैं इस बिल की मुखालफ़त करता हूं|”

शाम 5.45 बजे : बड़ा बनाया जा रहा मुद्दा

सांसद बदरुद्दीन अजमल ने कहा, “तीन तलाक को इस्लाम ने माना ही नहीं है| 3 तलाक का मुद्दा उतना बड़ा नहीं है, जितना बड़ा बताया जा रहा है|”

शाम 5.43 बजे : इसे आनन-फानन में लाया गया

आरजेडी सांसद जयप्रकाश नारायण ने कहा, “3 तलाक बिल की हम मुखालफत करते हैं, इसे आनन-फानन में लाया गया है। इसे सिलेक्ट कमेटी को भेजा जाए|”

शाम 5.35 बजे : मैं न पक्ष में न ही विपक्ष में

‘आप’ सांसद धर्मवीर गांधी नें कहा, “ट्रिपल तलाक बिल बहुत महत्वपूर्ण बिल है, मैं न पक्ष की तरफ से , नहीं विपक्ष की तरफ से बोलूंगा| मैं औरतों का पक्ष रखूंगा|”

शाम 5.28 बजे : बिल का समर्थन

शिरोमणि अकाली दल ने ट्रिपल तलाक पर बिल का समर्थन किया| सांसद प्रेमसिंह चंदूमाजरा ने कहा कि पंजाब में कई एनआरआई आते हैं और शादी करके लड़कियों को छोड़कर चले जाते हैं| वहीं सांसद प्रेमसिंह चंदूमाजरा ने कहा कि इस बिल की ज़रूरत थी|

शाम 5.25 बजे : महिलाओं को भी समान अधिकार

कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने कहा, “कुरान में तलाक के लिए बेहतरीन तरीके बताए गए हैं| महिलाओं को भी समान अधिकार दिए गए हैं| समाज को इसके प्रति जागरूक नहीं किया गया|”

शाम 5.20 बजे : समाज के खिलाफ है बिल

अनवर राजा ने कहा, “ट्रिपल तलाक बिल हमारे समाज के खिलाफ है, इसलिए हमारी पार्टी इस बिल का विरोध करेगी|”

शाम 5.15 बजे : दंड के प्रावधान का विरोध

समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने ट्रिपल तलाक बिल में 3 साल के दंड के प्रावधान का विरोध किया| सरकार से सज़ा का प्रावधान वापस लेने की मांग| उन्होंने कहा, “मुसलमानों की हालत देश में दलितों से भी खराब, जस्टिस सच्चर कमेटी की सिफारिशों को सरकार लागू करें|”

शाम 5.06 बजे : एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने सरकार द्वारा ट्रिपल तलाक पर अध्यादेश पर सवाल उठाए|

शाम 5.00 बजे : स्मृति ईरानी ने रखा अपना पक्ष

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, “इस देश ने वह मंज़र भी देखा, जब दहेज लेने का कुछ लोगों ने समर्थन किया, लेकिन सदन ने इसे अपराध माना, सती प्रथा को भी खत्म किया गया|”  स्मृति ईरानी ने आगे कहा, “जिन लोगों ने कारवां लूटा वही आज इंसाफ की दुहाई दे रहे हैं| सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक का शिकार हुई हैं| आज 1986 के कानून में वो ताकत होती तो सायरा बानो को कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटाना पड़ता|”

शाम 4.56 बजे : कैसे मिलेगा न्याय

मोहम्मद सलीम ने आगे कहा, “जब आप अन्याय पर आधारित समाज बना रहे हैं तो मुस्लिम महिलाओं को न्याय कैसे मिल सकेगा| इस समाज में मुसलमानों को सेकंड क्लास सिटीजन समझा जाता है तो न्याय की बात कहां से आ गई| हिन्दुत्व के नाम पर राजनीति करने वाले ये लोग मुस्लिम महिलाओं को न्याय कैसे दे सकते हैं| ये लोग कभी भी सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ नहीं बोलते| भारत में मुस्लिमों की हालत पहले से बदतर क्यों हो रही है, पहले इस बारे में सोचने की ज़रूरत है| कमेटी का गठन कर बिल के हर पहलू को देखने की ज़रूरत है|”

दोपहर 4.55 बजे : बिल का विरोध

तीन तलाक बिल का विरोध करते हुए सीपीएम सांसद मोहम्मद सलीम ने कहा, “यह बिल पूरी तरह से असंवैधानिक है| हमने पहले भी इस बिल का विरोध किया था| ऐसे विवादित बिल पर सभी के साथ बातचीत ज़रूरी थी और बिल को स्टैंडिंग कमेटी के पास जाना चाहिए था, लेकिन सरकार इसे लेकर हड़बड़ी में है| सरकार ने संसदीय कमेटी की बातों को भी दरकिनार कर दिया है, इससे पता चलता है कि सरकार कैसे चल रही है|”

दोपहर 4.50 बजे : बिल धार्मिक आधार पर भेदभाव करता है

टीआरएस सांसद ए.पी.जे. रेड्डी ने कहा, “यह बिल धार्मिक आधार पर भेदभाव करता है, जो संविधान के मूल्यों के खिलाफ है| इस कानून में मुस्लिम समाज की प्रगतिशील आवाज़ को दरकिनार नहीं किया जा सकता है| हमें उनके बच्चों के बेहतर शिक्षा और रोजगार मुहैया करवाने पर जोर देना चाहिए| इस कानून के जरिये मज़हब पर हमले का खतरा है|”

दोपहर 4.40 बजे : आज मुस्लिम महिलाएं बहुत खुश होंगी

शिवसेना सांसद अरविंद गणपत सावंत ने कहा, “आज मुस्लिम महिलाएं बहुत खुश होंगी क्योंकि सदन में उन्हें न्याय देने से जुड़ा बिल लाया गया है| देश के सभी कानूनों का पालन हिन्दू समाज करता है, चाहे वह परिवार नियोजन हो या अन्य तरह के कानून| सरकार जिस तरह से धार्मिक आचरण में आगे बढ़ रही है, वह अच्छी बात है, लेकिन समान नागरिक संहिता पर भी जल्द विचार किया जाना चाहिए| एनडीए के घटक होने के नाते हमने कई और वादे भी जनता से किए हैं| शिवसेना सांसद ने मांग की कि सरकार को तीन तलाक़ कानून जैसी निडरता राम मंदिर के लिए कानून लाने पर भी दिखानी चाहिए|” राम मंदिर के बारे में उन्होंने कहा, “राम मंदिर का निर्माण राजनीतिक मुद्दा नहीं है, नहीं जनभावना है| 70 सालों से मामला फंसा हुआ, यह संविधान का अपमान है|”

दोपहर 4.20 बजे : बिल का विरोध

टीडीपी सांसद जयदेव गल्ला ने बिल का विरोध करते हुए कहा, “राजनीतिक फायदा उठाने के लिए तीन तलाक पर अध्यादेश लेकर आया गया था, लेकिन भाजपा 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में उसका फायदा उठाने में पूरी तरह विफल रही है| जब बिल पहले से ही संसद में लंबित था तो सरकार को बिल लाने की क्या ज़रूरत थी| मुस्लिमों में तो शादी पहले से ही सिविल कॉन्ट्रैक्ट है, जहां मेहर की रकम का भी रिवाज शामिल है|”

दोपहर 4.15 बजे : टीडीपी सांसद जयदेव गल्ला ने लोकसभा में ट्रिपल तलाक बिल का विरोध किया|

दोपहर 4.09 बजे : भाजपा सांसद रवींद्रनाथ कुमार जेना ने तीन तलाक बिल का विरोध करते हुए कहा, “यदि यह बिल इसी स्थिति में पारित कर दिया गया तो यह निश्चित रूप से बैकफायर करेगा| कानूनन पति को कागजी काम करने के लिए कहा गया है, लेकिन पति जेल में रहकर यह काम कैसा कर सकता है| इस बिल में कानून का दुरुपयोग रोकने के प्रावधान नहीं हैं| इस बिल में सियासत की बू आती है और इस बिल में सभी प्रावधानों को शामिल किए जाने की ज़रूरत है|”

दोपहर 4.08 बजे : रवींद्रनाथ कुमार जेना तीन तलाक बिल पर अपना पक्ष रहे हैं|

दोपहर 4.05 बजे : ऐतिहासिक बिल को पास किया जाना चाहिए

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने आगे कहा, “कुछ लोगों ने फतवों की दुकानें खोलीं, देश संविधान से चलता है, शरीयत से नहीं| बाल विवाह से लेकर सती प्रथा को खत्म करने के खिलाफ भी आवाज उठी थी, लेकिन समाज ने उसे खत्म किया|जब बाकी जघन्य अपराधों के लिए कानून है तो इसके खिलाफ क्यों नहीं बनना चाहिए| इस कानून में किसी को भी निशाना बनाने की कोशिश नहीं की गई है| हमें लाभ, पार्टी और अन्य झगड़ों को भूलकर महिलाओं के अधिकार के बारे में सोचना चाहिए| इस ऐतिहासिक बिल को पास किया जाना चाहिए| ये बिल मुस्लिम महिलाओं को अधिकार देने वाला होगा|”

दोपहर 3.58 बजे : लम्हों की ख़ता, सदियों की सज़ा बन जाती है

नकवी ने आगे कहा, “तीन तलाक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कभी-कभी लम्हों की ख़ता, सदियों की सज़ा बन जाती है| यह कानून पहले ही पारित हो गया होता, लेकिन कुछ कठमुल्लों के दबाव में उस समय की कांग्रेस की सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी करने के लिए कानून लाई थी| इस्लामिक देशों ने दशकों पहले 3 तलाक की कुरीति को खत्म किया|”

दोपहर 3.50 बजे : केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, “यह इस्लाम धर्म से संबंधित मामला नहीं, यह एक सामाजिक कुरीति है| इसी तरह से सती प्रथा और बाल विवाह को भी खत्म किया गया था|”

दोपहर 3.45 बजे : चर्चा में भाग ले रहे हैं केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी

दोपहर 3.40  बजे : बिल के खिलाफ हैं हम

टीएमसी सांसद सुदीप बंधोपाध्याय ने कहा, “हम अपराधीकरण को बढ़ावा देने वाले इस बिल के खिलाफ हैं| जब पति जेल में चला जाएगा तो वह पत्नी को मुआवजा कैसे भेजेगा और क्या कमाएगा| तलाकशुदा महिला के साथ इस सूरत में न्याय नहीं हो सकता है| इस प्रावधान को बिल से गिराना चाहिए, इसके लिए बिल को ज्वाइंट सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की ज़रूरत है|”

दोपहर 3.25 बजे : इस बिल की कोई ज़रूरत नहीं

एआईएडीएमके के ए.अनवर राजा ने कहा, “भारत में शिक्षा और पिछड़ेपन के लिए तमाम सर्वे किए गए हैं, लेकिन किसी भी स्टडी में ट्रिपल तलाक को मुस्लिम समाज के पिछड़ेपन का कारण नहीं माना गया| इस बिल की कोई ज़रूरत नहीं है| इस बिल से महिलाओं का कुछ भला नहीं होगा बल्कि वे कमजोर हो जाएंगी| यह बिल मौलिक अधिकारों का हनन है| इस बिल से मुस्लिम मर्दों का शोषण होगा और उनके परिवार बिखर जाएंगे|

 दोपहर 3.17 बजे : एआईएडीएमके के ए.अनवर राजा सदन में अपना पक्ष रख रहे हैं|

दोपहर 3.16 बजे : भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने अपना बयान दे दिया|

दोपहर 3.10 बजे : मीनाक्षी लेखी ने ‘ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड’ पर उठाया सवाल

हिंदुओं के कानूनों को जो लोग कोट कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि 1955 के कानून से पहले हिन्दुओं में तलाक होता ही नहीं था| सदन में राजनीति चल रही है| सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी तीन तलाक के 201 मामले सामने आए हैं| ऐसे मामले सबसे ज्यादा उत्तरप्रदेश के ही हैं| ‘ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड’  ही इसका सबसे ज्यादा दुरूपयोग कर रहा है| इस कानून को लाना ज़रूरी है|

दोपहर 3.01 बजे : कुरान में कहा गया है तलाक नहीं होना चाहिए

भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने आगे कहा, “जो लोग सबरीमाला कर रहे हैं वो अगर शशि थरुर का ट्वीट भी पढ़ लेते तो समझ आ जाता, उन्होंने भी कहा कि सबरीमाला का मामला धार्मिक मामला है लेकिन यहां मामला अधिकारों का, लैंगिक समानता का मामला भी है जो कि संविधान के दायरे में है| कुरान में कहा गया है कि तलाक नहीं होना चाहिए, मोहम्मद सहाब भी तलाक के खिलाफ है इसलिए उन्होंने तलाक को काफी लंबा और मुश्किल रखा ताकि सुलह के ज्यादा से ज्यादा हो सके और तलाक की नौबत न आए|”

दोपहर 2.50 बजे : भाजपा सांसद का बयान

भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा, “प्रधान सेवक की सेवाओं के लाभ से मुस्लिम महिलाओं को वंछित नहीं रखा जा सकता| हमारी सरकार महिला को सशक्त नहीं बल्कि सशक्त महिलाओं के द्वारा ही उनके सशक्तिकरण की बात कर रही है| तलाक ए बिदत महिलाओं के अधिकारों से वंचित करता है जिसे कोर्ट भी असंवैधानिक करार दे चुका है|

दोपहर 2.40 बजे : हंगामे के बीच चर्चा जारी

सदन में भारी हंगामे के बीच तीन तलाक बिल पर चर्चा जारी है| कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने बिल पर चर्चा करते हुए कहा कि हमें ‘मुंह में राम और बगल में छुरी’ से ऐतराज है, बिल से हमें कोई आपत्ति नहीं है| इस बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए|

दोपहर 2.26 बजे : मिली मंजूरी

स्पीकर सुमित्रा महाजन ने तीन तलाक बिल को चर्चा के लिए पेश करने की मंजूरी दी, जिसके बाद कानून मंत्री ने सदन में बिल पेश कर दिया है| विपक्षी दलों के सांसद लोकसभा में नारेबाजी कर रहे हैं| साथ ही आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने बिल के कई प्रावधानों पर अपनी आपत्ति दर्ज करवाई है| उनका कहना है कि बिल पहले ही सदन से पारित हो चुका है| इसमें मामूली बदलाव कर फिर से पेश नहीं किया जा सकता है |

दोपहर 2.14 बजे : सदन में हंगामा

महिलाओं के सम्मान से जुड़ा बिल: रविशंकर

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक बिल किसी भी धर्म के खिलाफ नहीं है| उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं को सम्मान देने से जुड़ा है और कांग्रेस पहले इस बिल पर चर्चा के लिए तैयार थी| प्रसाद ने कहा कि जब दिसंबर में बिल लाए थे, तब भी बिल लोकसभा में पास हुआ था, लेकिन राज्यसभा से लौट गया था| विपक्ष की कई सिफारिशों के मुताबिक, बिल में बदलाव भी किए गए हैं और पीड़ित महिला के अधिकार पूरी तरह से सुरक्षित किए गए हैं|

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा बिल पेश किए जाने के बाद लोकसभा में कुछ ही देर में होगी चर्चा|

दोपहर 2.12 बजे : असदुद्दीन ओवैसी ने कहा

सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार ने कई स्टेक होल्डर्स से बिल के बारे में उनका पक्ष नहीं जाना है| कई अन्य दलों के सांसद भी बिल को सिलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग कर रहे हैं| इस पर संसदीय कार्यमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इस बिल को रोकना ठीक नहीं है और इस पर चर्चा होनी चाहिए|

दोपहर 2.06 बजे : मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान

तीन तलाक बिल बहुत ज़रूरी बिल है और इस बिल के ज्वाइंट सिलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाना चाहिए क्योंकि सरकार किसी धार्मिक मामले में हस्तक्षेप कर रही है| इस बिल से करीब 30 करोड़ महिलाएं प्रभावित होंगी और उनकी रक्षा ज़रूरी है|

दोपहर 2.00 बजे : लोकसभा की कार्रवाई फिर शुरू हुई, इस दौरान स्पीकर सुमित्रा महाजन से सबसे शांति बनाए रखने की अपील की|

लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित।

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम चर्चा में भाग लेंगे, और अपनी बात रखेंगे। हम सरकार से अपील करेंगे कि उसे धार्मिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।

संसदीय कार्य राज्यमंत्री विजय गोयल ने बताया कि गुरुवार को तीन तलाक बिल पर एक अध्यादेश लोकसभा में बिल के रूप में पेश किया जाएगा। इसलिए सांसदों को व्हिप जारी किया गया है।

लोकसभा में तीन तलाक पर रोक संबंधी विधेयक पर बहस के लिए सरकार व विपक्ष में सहमति बन गई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी तीन तलाक के मामलों को देखते हुए सरकार सख्त प्रावधान अध्यादेश 19 सितंबर को लेकर आई थी। उस वक्त संसद की कार्यवाही नहीं चल रही थी, इसलिए अध्यादेश लाया गया। इन्हें संशोधनों को स्थायी कानून बनाने के लिए सरकार नए सिरे से विधेयक लेकर आई है।

तीन तलाक पर तीन तड़ाक

OMG! पत्नी के वजन बढ़ने के कारण दिया ‘तीन तलाक’

तीन तलाक अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

 

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