Video: जब सड़क पर उतरे देवता और दानव!

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शाजापुर की सड़कों पर रविवार रात देवता और दानव नज़र आए| दरअसल, शाजापुर में लगभग 264 साल से एक परम्परा निभाई जाती है, जिसमें देवता और दानव में युद्ध होता है और अंत में कंस वधोत्सव होता है| मथुरा के बाद केवल शाजापुर में ही यह प्रथा निभाई जाती है| कार्यक्रम के कारण आजाद चौक और सोमवारिया बाजार परिसर में भीड़ थी, सभी वाकयुद्ध सुनने के लिए बेताब थे|

जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम की शुरुआत बालवीर हनुमान मंदिर परिसर से हुई, जहां पर देव और दानवों का समूह परंपरागत वेशभूषा में पहुंचा| समारोह के लिए एक रथ भी तैयार किया गया, जिसमें सभी को बैठाया गया और चल समारोह की शुरुआत की गई| यह रथ सोमवारिया बाजार, मगरिया, काछीवाड़ा, टेंशन चौराहा, बस स्टैंड, नई सड़क से होकर गुजरा| रात लगभग 9.30 बजे देवताओं और दानवों के बीच युद्ध शुरू हुआ|

आचार संहिता का दिखा असर

चुनाव के कारण प्रदेश में आचार संहिता लगी हुई है, जिसका असर कार्यक्रम पर भी दिखा| इस कारण कार्यक्रम चालीस मिनट पहले ही हो गया| कंस वधोत्सव के दौरान देवताओं और दानवों ने मतदाताओं को जागरूक भी किया| इस बार तत्कालीन मुद्दों को लेकर एक-दूसरे पर वार किया गया| कार्यक्रम के जीएसटी, राफेल, स्वच्छ भारत अभियान के साथ ही कई मुद्दों पर चर्चा हुई| देर रात कंस के पुतले का श्रीकृष्ण ने वध किया, इसके बाद गवली समाज के लोग कंस के पुतले को लाठियों से पीटकर घसीटते हुए ले गए| आचार संहिता के कारण रात 10 बजे ही कार्यक्रम में माइक का उपयोग बंद कर दिया गया था|

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