सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप को जारी किया कानूनी नोटिस

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केवल भारत ही नहीं अपितु विश्वभर में पसंद की जाने वाली सोशल नेटवर्किंग साइट व्हाट्सएप को भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही आईटी और वित्त मंत्रालय को भी नोटिस तामील किया गया है। दरअसल सोशल मीडिया से संबंधित शिकायतों का निपटारा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप को आदेश दिया था कि वो जल्द ही शिकायत अधिकारी की नियुक्ति करे| सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए अब तक व्हाट्सएप ने किसी भी तरह से ऐसे अधिकारी की नियुक्ति नहीं की है।

इसी को देखते हुए कोर्ट ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। हाल फिलहाल भारत में व्हाट्सएप के लगभग 20 करोड़ यूजर्स हैं। इसके बाद भी व्हाट्सएप का यह रवैया उसके लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है। सिर्फ सुप्रीम कोर्ट ही नहीं बल्कि कुछ दिन पहले ही मोदी सरकार ने व्हाट्सएप को भारत में अपना कार्यालय स्थापित करने और झूठे संदेशों का पता लगाने के लिए उचित तकनीकी समाधान ढूंढने को कहा था, लेकिन लगातार आदेश को हल्के में लेकर कंपनी अपने पैरों पर खुद ही कुल्हाड़ी मार रही है।

जस्टिस आरएफ नरीमन और जस्टिस इंदू मलहोत्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने सेंटर फॉर अकांउटेलिबिटी एंड सिस्टेमैटिक चेंज नामक संगठन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी को नोटिस जारी करके चार हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा है। अब यदि व्हाट्सएप कोई जवाब नहीं देता है और उसके मौजूदा रवैये पर ही कायम रहता है तो कोर्ट ने कहा कि क्यों न व्हाट्सएप की सेवाएं बंद कर दी जाएं। हालांकि उच्चतम न्यायालय ने अभी केवल कारण बताओ नोटिस ही जारी किया है, लेकिन जल्द ही व्हाट्सएप से कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं आती है तो देश में व्हाट्सएप को बैन किया जा सकता है।

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