अब यहां भी निगरानी और बचाव करेगी भारतीय नौसेना

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आज भारतीय नौसेना को एक और ताकत मिल गई है| अब नौसेना के बेड़े में एक ऐसा वाहन शामिल हुआ है, जिससे गहरे पानी में भी बचाव कार्य आसानी से किया जा सकता है| दरअसल, पानी में बचाव कार्य करने में सक्षम डीएसआरवी के पहले सफल परीक्षण के साथ नौसेना को यह सौगात मिली है|

इस बारे में नौसेना की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, “पश्चिमी नौसैनिक कमान ने यहां डीएसआरवी का परीक्षण किया| इसने भारतीय समुद्री सीमा में सबसे गहरे उतरने वाले मानवयुक्त वाहन का रिकॉर्ड बनाया| चालक दल के तीन सदस्यों के साथ काम करने वाली डीएसआरवी किसी पनडुब्बी से एक बार में 14 लोगों को बचा सकती है|”

नौसेना के आधिकारिक बयान में कहा गया कि 15 अक्टूबर को डीएसआरवी ने 300 फुट से ज्यादा गहरे पानी में एक पनडुब्बी से संपर्क बनाया और उसके कर्मियों को बचाव वाहन में स्थानांतरित किया| यह परीक्षण समुद्र के भीतर संकट में फंसी पनडुब्बी से लोगों को बचाने की डीएसआरवी की क्षमता को साबित करते हैं और इससे भारतीय नौसेना को एक महत्वपूर्ण सामर्थ्य हासिल हुआ है|

उन्होंने आगे कहा, “परीक्षण के दौरान डीएसआरवी ने 666 मीटर की गहराई तक सफलतापूर्वक गोता लगाया| यह भारतीय समुद्री सीमा में मानव संचालित वाहन द्वारा सबसे गहराई तक गोता लगाने का रिकॉर्ड है|”

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