पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, पुजारी की हुई गिरफ्तारी

0

झारखंड के चक्रधरपुर के प्रसिद्ध केरा मंदिर से बीती 24 नवंबर की रात को 400 साल पुरानी मूर्ति चोरी हो जाने से भड़के ग्रामीणों ने थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई और जल्द से जल्द मूर्ति खोजने की बात कही। चक्रधरपुर और इसके आसपास के लोगों की आस्था के केंद्र केरा मंदिर से मूर्ति चोरी होने पर पुलिस ने तत्काल ही इसकी छानबीन सतर्कता के साथ शुरू कर दी थी। पुलिस ने चोरी हुई मूर्ति की गुत्थी को सुलझा लिया है। जब पुलिस ने इस चोरी का खुलासा किया तो लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई क्योंकि मूर्ति चुराने वाला कोई और नहीं बल्कि मंदिर का पुजारी निकला।

गौरतलब है कि गत 24 नवंबर को मंदिर से 400 साल पुरानी मूर्ति चोरी हो गई थी, जिस पर ग्रामीणों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि मंदिर के पुजारी ने ही 400 साल पुरानी मूर्ति को चुराया और मंदिर के पास ही एक पुलिया के नीचे छिपा दिया था। पुलिस ने सतर्कता से छानबीन करते हुए जब टूटे हुए ताले का निरीक्षण किया तब खुलासा हुआ कि ताला तोड़ा नहीं गया बल्कि उसे खोलने के बाद बिगाड़ने के लिए भारी चीज से पीटा गया है। इसके बाद पुलिस को मंदिर से पुजारी का मोबाइल फ़ोन भी बरामद हुआ।

सबूत मिलने पर पुलिस ने मंदिर के पुजारी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की। पुलिस की सख्ती से पूछताछ करने पर मंदिर के पुजारी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस पूरे मामले में एसपी चंदन झा ने बताया कि पुजारी ने बड़ी सफाई से इस वारदात को चोरी का रूप देने की कोशिश की, लेकिन वह इसमें सफल नहीं हो सका। गलती से पुजारी का मोबाइल मंदिर में ही गिर गया जो पुलिस को तफ्तीश के दौरान बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस की पूछताछ में पुजारी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और 400 साल पुरानी मूर्ति के बारे में जानकारी दी।

Share.