अब मोबाइल बनेगा वोटिंग मशीन

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देश में तेजी से बढ़ते डिजिटलाइजेशन के चलते मध्यप्रदेश के आईआईएम इंदौर से पासआउट नीरज गुटगुटिया ने ‘राइट टू वोट’ एप बनाया है। इस एप के जरिये ई-वोटिंग पर जोर दिया गया है और आने वाले समय में ई-वोटिंग की ज़रूरत को ध्यान में रखकर ही इस एप का निर्माण किया गया है। इन दिनों यह एप काफी चर्चा में है। इस बारे में नीरज का कहना है कि वे निर्वाचन आयोग के समक्ष इस एप का डेमो भी दे चुके हैं। नीरज के अनुसार, स्थानीय चुनावों में इस एप के प्रयोग को लेकर मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा और तमिलनाडु सरकार से भी चर्चा की गई है।

नीरज ने यह भी दावा किया है कि महाराष्ट्र सरकार ने तो इस एप के लिए अपनी सहमति जताई है और दिसंबर में होने वाले चुनाव में इस एप्लीकेशन का इस्तेमाल महाराष्ट्र सरकार द्वारा किया जा सकता है। चुनाव आयोग का कहना है कि दुनियाभर के कई देश ई-वोटिंग के माध्यम से वोट देते हैं, लेकिन फिलहाल भारत में इस पर शोध चल रहा है।

नीरज गुटगुटिया का कहना है कि जो लोग अपने घर से दूर रहते हैं या देश से बाहर हैं, वे सभी इस एप के माध्यम से मतदान कर सकते हैं। नीरज ने कहा कि यह एप्लीकेशन सैनिकों, विद्यार्थियों और एनआरआई (जो घर से बाहर रहते हैं) के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इससे भारत में मतदान का प्रतिशत तो बढ़ेगा ही साथ-साथ फ़र्ज़ी रूप से किए जाने वाले मतदान पर भी लगाम लगाई जा सकेगी। हालांकि इसके लिए बहुत ही कठिन और सुरक्षित सायबर सिक्योरिटी की व्यवस्था करना पड़ेगी ताकि इस इस एप को हैक न किया जा सके।

इस एप का उपयोग कर दिल्ली विश्वविद्यालय और आईआईएम इंदौर के विद्यार्थी संघ ने चुनाव संपन्न किया और इस एप की टेस्टिंग भी सफल रही। इनके अलावा अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, जेमिनी कम्युनिकेशन लिमिटेड, टर्बो मशीनरी इंजीनियरिंग लिमिटेड आदि ने भी अपनी वोटिंग के लिए इस एप का प्रयोग किया।

किस तरह करती है काम

  1. इस एप के इस्तेमाल के लिए सर्वप्रथम मतदाता को अपना वोटर आईडी अपने आधार कार्ड से लिंक करवाना होगा।
  2. इसके बाद मतदाता के एप पर एक लिंक प्रदर्शित होगी।
  3. लिंक ओपन करने पर मतदाता से आधार कार्ड नंबर डालने के लिए कहा जायेगा।
  4. जब मतदाता द्वारा अपने आधार कार्ड का नंबर प्रविष्ट किया जाएगा, तब मतदाता के मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा।
  5. ओटीपी डालने पर ऑनलाइन बैलेट पेपर खुल जाएगा।
  6. अब यहां मतदाता अपना वोट सबमिट कर सकता है।
  7. जब मतदाता द्वारा वोट सबमिट कर दिया जाएगा तो उसके सत्यापन के लिए मतदाता के मोबाइल पर रसीद भी आ जाएगी।
  8. इस एप में सीक्रेट बैलेट, जियो फेसिंग, जियो टेगिंग, रियल टाइम रिजल्ट काउंटिंग जैसे फीचर्स भी हैं।
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