हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे एनकाउंटर अब पुलिस के पाठ्यक्रम में

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उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में चर्चित हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे केस को अब पुलिस अकैडमी में आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों को पढ़ाने के लिए सिलेबस में शामिल किया जाना तय हो चुका है.इसके साथ ज्योति हत्याकांड को भी सिलेबस में शामिल किया जाएगा. आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों की ट्रेनिंग और पाठ्यक्रम को बेहतर बनाने के लिए गठित की गई कमेटी ने यह कदम उठाया है.

सुझाव को शासन के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है, जिसके बाद इसे नवंबर के अंत तक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा.नए बैच के आईपीएस और पीपीएस अफसर इसको पढ़कर बेहतर पुलिसिंग सीखेंगे. स्टडी के मुताबिक, बिकरू कांड में पुलिस हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी तभी उसने ताबड़तोड़ हमला कर 8 पुलिस वालों को मार दिया था. इस पूरे प्रकरण में पुलिस की तरफ से दबिश और जांच की कई खामियों का खुलासा हुआ था.इस घटनाक्रम की स्टडी की गई और इन खामियों के बारे में बताने, इनको दोबारा न दोहराने पर एक विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी. .

बता दें कि इसी साल 2 जुलाई को कानपुर में विकास दुबे और उसके गैंग ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया था, जिसमें आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. इसी के बाद विकास दुबे फरार हो गया और करीब एक हफ्ते के बाद जब उसे मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्रसिद्ध महाकाल मंदिर से पकड़ा गया था जिसके बाद उसे कानपुर ले जाते समय पुलिस की वैन पलटी खा गई और विकास ने भागने की कोशिश की कार्रवाई स्वरूप पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया और उसकी मौत हो गई .उसकी मौत पर आज भी पुलिस के रवैए को लेकर प्रश्नचिन्ह उठ रहे हैं .
पुलिस का कहना था कि कानपुर के पास विकास दुबे ने पुलिस का हथियार छीनकर भागने की कोशिश की थी, जिसके बाद मुठभेड़ हुई और विकास दुबे मारा गया.

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