माल्या के वकील की दलील के बाद जेल में दो मंजिला इमारत बनेगी

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हजारों करोड़ का चूना लगाकर विदेश भाग जाने के बाद अब प्रत्यर्पण से बचने के लिए विजय माल्या के वकील ने नई दलील पेश की है। भारतीय बैंकों को चूना लगाकर ब्रिटेन भाग गए भगोड़े विजय माल्या के वकील का कहना है कि भारत में जेलों की स्थिति बहुत ज़्यादा बदतर है। सीबीआई द्वारा लगाया गया प्रत्यर्पण का केस फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी सुनवाई के समय सीबीआई को यह साबित करना पड़ा था कि मुंबई का आर्थर रोड जेल माल्या जैसे कैदी को रखने के लिए उपयुक्त है।

कोर्ट में विजय माल्या के वकील ने जेल की बदतर हालत बताकर माल्या के प्रत्यर्पण में रोड़ा डाला था। लिहाजा, मुंबई के आर्थर रोड जेल की मरम्मत शुरू की जा चुकी है। माल्या जैसे भगोड़े करोड़पतियों के लिए यहां एक बिलकुल नए सेल ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है। भारतीय जेल अधिकारियों ने भी इस बात की घोषणा की है कि ऑर्थर जेल में एक बिल्कुल नए सेल ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है। खासतौर पर यह माल्या जैसे भगोड़े करोड़पतियों के लिए बनाया जा रहा है।

विशेष तौर पर बनाया जा रहा यह सेल, इंटरनेशनल जेल एंड ह्यूमन राइट्स स्टैंडर्ड्स के पैमाने को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है और ये छह महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। 93 साल पुराने इस जेल में दो मंजिला इमारत बनवाई जा रही है। एक अधिकारी ने बताया, “अब तक हमने अंतरराष्ट्रीय ज़रूरतें पूरी करने वाले सेलों पर प्रतिबंध लगा रखा है।  इसलिए अब हम एक्स्ट्रा ट्रेंडी सेल बनाने जा रहे हैं, जिनमें प्रत्यर्पित स्मगलरों, फ्रॉडस्टरों और विदेश में छुपे अपराधियों को रखा जाएगा। ”

माल्या के वकील द्वारा दिए गए तर्क के आधार पर ब्रिटेन की अदालत ने सीबीआई अधिकारियों को भारतीय जेलों की तजा फोटोज और वीडियोज पेश करने को कहा है। जिससे ये पुख्ता हो सके की भारतीय जेल विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिए सही है। माल्या के अलावा नीरव मोदी जैसे भगोड़ों के केस की सुनवाई विदेश में ही होनी है।

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