सीबीआई की भूल से भागा था विजय माल्या…

0

भारतीय बैंकों का हजारों करोड़ों रुपए का कर्ज चुकाए बिना देश छोड़कर भागने वाले शराब कारोबारी विजय माल्या के मामले में नई जानकारी सामने आई है। सीबीआई की ओर से दावा किया गया कि विजय माल्या को लेकर लुक आउट सर्कुलर में बदलाव कर उन्हें देश में रोके जाने की बजाए सिर्फ निगरानी रखने का निर्णय उनकी गलती थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई ने मुंबई पुलिस को लिखित में तर्क देते हुए कहा था कि पहला लुक आउट सर्कुलर गलती से जारी किया गया। वहीं माल्या को गिरफ्तार करने की जरूरत नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, अक्टूबर 2015 को अपने पहले लुक आउट सर्कुलर के फॉर्म में सीबीआई ने ‘व्यक्ति को भारत छोड़ने से रोका जाए’ के बॉक्स को भरा था। वहीं माल्या के खिलाफ दूसरा लुक आउट नोटिस नवंबर 2015 को जारी किया गया, जिस पर सीबीआई ने फॉर्म में ‘व्यक्ति के आने/जाने के बारे में सूचित करें’ वाले बॉक्स को भरा था।

ये सर्कुलर कवरिंग लेटर के साथ मुंबई पुलिस को भेजा गया। इसमें लिखा था कि इस व्यक्ति की आने व जाने की सारी सूचना उपलब्ध कराई जाए। मुंबई सीबीआई एसपी हर्षिता अटलुरी ने पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। मुंबई के ही आईपीएस अधिकारी असवती दोर्जे को भी इस लेटर में मार्क किया गया था।

गौरतलब है कि विजय माल्या 2 मार्च 2016 को देश छोड़कर भाग गया। तब से अब तक सीबीआई माल्या को वापस लाने के लिए यूके से प्रत्यर्पण का प्रयास कर रही है। बता दें कि 28 फरवरी को माल्या को ऋण देने वाली स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी कानूनी सलाह लेने के बाद न्यायालय में विजय माल्या को देश से बाहर जाने पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

Share.