इस तरह होगा परीक्षार्थियों का वेरिफिकेशन

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मध्यप्रदेश में धांधली रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों के आधार कार्ड की जांच की गई तो कई परीक्षार्थियों के थम्ब इम्प्रेशन का मिलान नहीं हुआ| इस वजह से 21 अप्रैल को प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) द्वारा आयोजित प्री-एग्रीकल्चर टेस्ट ऑनलाइन परीक्षा में सिर्फ 76 फीसदी परीक्षार्थी ही परीक्षा दे पाए| बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन में अंगूठे के निशान नहीं मिलने से कई परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित रह गए|

इस मामले में पीईबी का कहना है कि परीक्षार्थियों को अपने आधार कार्ड अपडेट करवाने की जरूरत है| इसी के साथ पीईबी ने वेरिफिकेशन के नियम में बदलाव करने की बात भी कही| अगली परीक्षाओं में थम्ब इम्प्रेशन से वेरिफिकेशन नहीं होने पर आइरिस स्कैनर से भी जांच की जाएगी। परीक्षार्थियों की रेटिना से उनकी पहचान की जाएगी|

इंदौर से पीएटी की परीक्षा से वंचित रही एक छात्रा चिन्मयी भावसार ने बताया कि बायोमीट्रिक व्यवस्था का हम स्वागत करते हैं, लेकिन मशीन जिसको उचित ठहराए उसको प्रवेश मिल जाता है, मशीन जिसको मना कर दे तो उसका क्या होगा। सही व्यक्ति होने पर भी उसका भविष्य खराब हो रहा है|

गौरतलब है कि प्रदेश में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर सहित 7 शहरों में 69 केंद्र पर यह परीक्षा हुई थी, जिनमें से कुल 11 हज़ार 645 परीक्षार्थियों को बैठना था, लेकिन 8929 परीक्षार्थी ही परीक्षा दे पाए|

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