“रात 12 बजे तो नज़र नहीं रख सकती”- वसुंधराराजे

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राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधराराजे का कहना है कि मोब लिंचिंग केवल उनके राज्य में ही नहीं होती है, यह तो देश-दुनिया हर तरफ हो रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य के दूरदराज के इलाकों में होने वाली हर घटना के बारे में जानने के लिए उन्हें ‘भगवान से ज्यादा ‘ होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री वसुंधराराजे का यह बयान उस वक़्त आया है, जब उनके राज्य अलवर में एक युवक रक़बर को गोतस्करी के शक में भीड़ ने बेरहमी से मार डाला वहीं मुख्यमंत्री से  इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कुछ ऐसा कहा।

लिंचिंग पर पूछे गए सवाल के जवाब में राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने कहा, “ऐसा पूरी दुनिया में होता है, यदि कोई ऐसा कहना चाहता है कि वह सुन क्यों नहीं रही है या फिर कुछ कर क्यों नहीं रही है तो ऐसा केवल राजस्थान में नहीं होता है। यदि रात के 12 बजे राजस्थान के दूरदराज के इलाके में ऐसा कुछ होता है तो मुझे इसका पता लगाने के लिए भगवान से ज्यादा होना होगा। सीएम राजे ने लिंचिंग के पीछे की वजह लोगों के पास रोजगार न होना बताया| उन्होंने कहा कि लोगों को मदद न मिलने पर उनका गुस्सा मोब लिंचिंग के रूप में निकल रहा है। इसी के साथ ही उन्होंने यह तो उजागर कर ही दिया कि उनके राज्य में नौजवान रोज़गार की समस्या से जूझ रहे हैं, जिसका वह समाधान करने में असमर्थ रही है।

मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने कहा, ‘यह समस्या जनसंख्या विस्फोट से उत्पन्न हुई है। लोगों को रोजगार चाहिए| वे इस बात से निराश हैं कि वे रोजगार के लिए काबिल नहीं बन पा रहे हैं। एक निराशा का भाव है, जो लोगों और समुदायों में फैल रहा है। यह ऐसा कुछ नहीं है, जो राज्य से आ रहा है। ऐसा लोगों की स्थितियों के कारण उनके गुस्से के तौर पर बाहर आ रहा है।’

हालांकि दौसा से भाजपा सांसद हरीश मीना ने मुख्यमंत्री वसुंधराराजे के दावे को खारिज कर दिया। लिंचिंग की घटनाओं को लेकर हरीशा मीना ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में कार्रवाई करने में देर हुई है। लिंचिंग जैसे संवेदनशील मुद्दे पर मुख्यमंत्री राजे का बयान कई सवाल भी खड़े करता है। प्रदेश के मुखिया का यह बयान यह भी सोचने पर मजबूर करता है कि क्या भीड़ की बेरहमी को रोजगार और अन्य समस्या बताकर नज़रअंदाज किया जा सकता है या सख्त कानून समय की मांग है?

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