उत्तराखंड बना गाय को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने वाला पहला राज्य

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उत्तराखंड विधानसभा ने बुधवार को गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने वाला प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया| गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की घोषणा करने वाला यह पहला राज्य बन गया है| इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा| विधानसभा सत्र के दूसरे दिन पशुपालन राज्यमंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विधानसभा से सर्वसम्मति से पारित इस प्रस्ताव पर सदन का आग्रह है कि केंद्र गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मंजूरी दे|

वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने के साथ-साथ गाय के संरक्षण का भी प्रयास होना चाहिए| रेखा आर्य ने बुधवार को विधानसभा में बिल पेश किया था| रेखा ने यह प्रस्ताव रखते हुए कहा, “यह सदन भारत सरकार से अनुरोध करता है कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित किया जाए|”

रेखा आर्य ने कहा कि गाय को मां का रूप माना गया है और किसी बच्चे को मां का दूध उपलब्ध न होने पर गाय के दूध को वैज्ञानिक दृष्टि से भी उसका सर्वश्रेष्ठ विकल्प माना गया है| उन्होंने आगे कहा कि गाय हमारी आस्था की प्रतीक है और उसमें 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना गया है, जिसके दर्शन से ही सारे पाप दूर हो जाते हैं|

उन्होंने कहा कि गाय के गोबर और गोमूत्र में कई औषधीय गुण भी हैं और वह एकमात्र ऐसा पशु है, जो न केवल ऑक्सीजन ग्रहण करता है बल्कि ऑक्सीजन छोड़ता भी है| यदि गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाता है तो उससे उत्तराखंड सहित देश के 20 राज्यों में लागू गोवंश संरक्षण कानून पूरे देश में लागू होगा और उसके संरक्षण के प्रयासों को और बल मिलेगा|

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