उत्तराखंड के विकास पुरुष एनडी तिवारी का निधन

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तीन बार उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे एनडी तिवारी का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया| वे उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के सीएम रह चुके हैं| सबसे पहले वे 1976 में सीएम बने थे| उन्होंने आज यानी 18 अक्टूबर को दिल्ली के मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली| वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे| वे भारतीय राजनीति में काफी चर्चित थे| उन्हें उत्तराखंड के विकास पुरुष के नाम से भी जाना जाता है|

आज के ही दिन जन्मे और आज ही मृत्यु को प्राप्त एनडी तिवारी का जन्म 18 अक्टूबर, 1925 को उत्तराखंड के नैनीताल जिले के बलूती गांव में हुआ था| उनका पूरा नाम नारायणदत्त तिवारी है| आज के ही दिन उनका जन्म हुआ और आज ही उनकी मृत्यु भी हो गई| उनके निधन के बाद कई राजनीतिक हस्तियों ने दुख प्रकट किया है| उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्रसिंह रावत ने दुःख प्रकट करते हुए लिखा, “एनडी तिवारीजी के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करता हूं| ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति व परिजन को दुःख सहने की प्रार्थना करता हूं|

तिवारीजी का जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है, विरोधी दल में होने के बावजूद उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर रहकर सदैव अपना स्नेह बनाए रखा| उनके भारत की राजनीति में जो शून्य उभरा है, उसकी भरपाई कर पाना मुश्किल है|” वे देश के वित्तमंत्री, उद्योग मंत्री और विदेश मंत्री जैसे पद पर भी रह चुके हैं| नारायणदत्त तिवारी देश के पहले ऐसे राजनीतिज्ञ थे, जिन्हें दो-दो राज्य का मुख्यमंत्री होने का गौरव प्राप्त हुआ| वे नेहरू-गांधी के दौर में उन नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने आजादी की लड़ाई में सक्रिय योगदान दिया| उन्होंने उत्तराखंड का सीएम बनने बनने के बाद वहां का नक्शा ही बदल दिया| जब यूपी से अलग उत्तराखंड बनने की बात हो रही थी तो एनडी तिवारी ने बयान दिया था कि उनकी लाश पर उत्तराखंड बनेगा, लेकिन बाद में उन्हें उत्तराखंड के सीएम की जिम्मेदारी ही मिल गई|

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