क़र्ज़ माफी पर रालोसपा प्रमुख का समर्थन

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मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री की शपथ लेने के साथ ही कमलनाथ ने किसानों की क़र्ज़ माफी का वादा भी पूरा किया। इसके बाद राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी किसानों की क़र्ज़माफी को लेकर अपनी राय दी है। क़र्ज़ माफी की वकालत करते हुए कुशवाह ने कहा कि देश का अन्नदाता बहुत ही मुश्किल भरी ज़िंदगी जीने पर मजबूर है। क़र्ज़ में डूबा किसान आत्महत्या करने तक को मजबूर हो गया है। ऐसे में किसानों को क़र्ज़माफी के माध्यम से राहत देने का काम सरकार को करना ही चाहिए।

क़र्ज़ माफ़ी का भस्मासुर

गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने सासाराम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। उपेंद्र का कहना है कि सरकार उद्योगपतियों को उनका उद्योग बढ़ाने के लिए बड़े-बड़े लोन दे सकती है और उनका लोन माफ़ करने की जगह उन्हें अतिरिक्त आवंटन भी दिया जाता है। ऐसे में देश के अन्नदाता के बारे में भी सरकार को सोचना चाहिए।

कर्ज़ माफ़ी के लिए किसानों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

भारत एक कृषि प्रधान देश है और अन्नदाता ही देश का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि समय-समय पर किसानों को राहत पहुंचाई जाए। केंद्र हो या राज्य सरकारें, सभी को आगे आना चाहिए और किसानों के क़र्ज़ को माफ़ किया जाना चाहिए। उन्होंने क़र्ज़माफी को आगामी लोकसभा चुनाव का विशेष मुद्दा बताया। उन्होंने यह भी कहा कि क़र्ज़माफी के साथ ही विकास के मुद्दे पर ही चुनाव लड़े जाएंगे।

कर्जमाफी का बोझ बड़ा भारी…

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