हाथरस: पीड़िता का परिवार गांव छोड़ने पर मजबूर, जान से मारने की मिल रही धमकियां

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उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए गैंग रेप मामले में दंगे कराने की साजिश के खुलासे के बाद अब हम पीड़िता के पिता का नया दर्द सामने आ रहा है.रसूख दारू की ओर से मिल रही धमकी के चलते अब पीड़िता का परिवार गांव छोड़ने की तैयारी में लगा हुआ है.

पीड़िता का परिवार ने कहा है कि वो डर में रह रहे हैं और गांव में कोई भी उनकी मदद नहीं कर रहा है.पीड़िता के पिता और भाई ने कहा कि वो डर में जीने को मजूबर हैं. गांव में कोई भी उनकी मदद नहीं कर रहा है. आरोपियों के परिवार की तरफ से उन पर दबाव बनाया जा रहा है.परिवार ने कहा कि हमारे साथ जो हादसा हुआ उसके बाद किसी ने पानी तक नहीं पूछा. हमारी मदद करने के बजाय लोग हमसे दूरी बना रहे हैं. इसलिए हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा है, हम किसी रिश्तेदार के यहां चले जाएंगे.

पीड़ित के पिता ने कहा, ”हमें तो आगे चलकर मौत दिखाई दे रही है. हम सोच रहे हैं कि कहीं नाते रिश्तेदारी में चले जाएं. कई लोग दहशत की वजह से पूछने नहीं आ रहे कि आप कैसे हो हमारे भी मन में दहशत है. कहीं भी चले जाएंगे भीख मांगेंगे खाएंगे.”पीड़ित के बड़े भाई ने कहा कि हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि यहां पर रहना मुश्किल है. छोटे भाई को मारने की भी धमकी दी जा रही है. पीड़िता के छोटे भाई ने कहा कि हमसे कोई भी पूछने नहीं आया कि आप भूखे हो या कैसे हो. हमसे कोई चाय तक पूछने नहीं आया.

क्या है पूरा मामला?

14 सितंबर को हाथरस में 19 साल की दलित लड़की से रेप हुआ.

लड़की के साथ मारपीट की गई और उसकी जीभ काट दी गई.इलाज के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में लड़की की मौत हो गई.

मामला दबाने में लगी यूपी पुलिस ने रात के अंधेरे में ही लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया.

हाथरस:सत्य-असत्य तय करती मीडिया, पुलिस और सरकार

यहीं से मामले पर राजनीति की शुरुआत हुई.

पुलिस और प्रशासन सवालों के घेरे में आ गए.

पूरे देश में इस मामले को लेकर बवाल मचा.

सरकार बैकफुट पर आ गई. योगी सरकार पर लापरवाही के आरोप लगाए गए.

इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने विपक्षी दल के कई नेताओं को हाथरस जाने से रोका और गांव की सीमाएं सील कर दी.

राहुल गांधी प्रियंका गांधी सहित भीम आर्मी के कई लोगों और आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को हाथरस जाने से रोकने के लिए पुलिस ने हाथापाई तक की.

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