योगी आदित्यनाथ ने किया ‘रावण’ को रिहा

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उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया। सहारनपुर के शब्बीरपुर में 2017 में हुई जातीय हिंसा के मुख्य आरोपी और भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण को सहारनपुर की जेल से रिहा कर दिया गया है। चंद्रशेखर को गुरुवार रात 2:30 बजे जेल से रिहा किया गया। भीम आर्मी की स्थापना एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ ने जुलाई 2015 में की थी। संगठन का पूरा नाम भीम आर्मी भारत एकता मिशन है।

समय से पहले रिहा

बता दें कि चंद्रशेखर उर्फ रावण को पहले 1 नवंबर तक जेल में रहना था, लेकिन उसे समय से पहले रिहा कर दिया गया। चंद्रशेखर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत जेल में बंद किया गया था। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने कहा कि चंद्रशेखर को रिहा करने का आदेश सहारनुर के जिलाधिकारी को भेज दिया गया है। कहा जा रहा है कि योगी सरकार ने दलित वोटों को साधने के लिए यह कदम उठाया है।

भाजपा पर हमला

जेल से रिहा होते ही चंद्रशेखर ने भाजपा पर तीखा हमला किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में भाजपा को हराना है। भाजपा सत्ता में क्या विपक्ष में भी नहीं आ पाएगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक हित में गठबंधन होना चाहिए। चंद्रशेखर ने कहा कि कोई स्वागत समारोह नहीं होना चाहिए। यदि कोई सोच रहा है तो वह उसे मन से निकाल दे। मैं जेल से बाहर कार्य करने आया हूं। चंद्रशेखर उर्फ रावण की रिहाई के दौरान भीम आर्मी के समर्थन काफी संख्या में जेल के बाहर जमा रहे। जेल के चारों तरफ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

दलितों से प्रेम

एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के बाद से भाजपा दलितों को आकर्षित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। यूपी में पूर्व डीजीपी बृजलाल को अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष और लालजी निर्मल को अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम का अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने पहले ही बड़ा कदम उठाया है। वहीं दलितो के साभ भेदभाव का आरोप लगाकर वीआरएस मांगने वाले अपर पुलिस अधीक्षक वीपी अशोक को मेरठ में महत्वपूर्ण तैनाती देकर सरकार ने फिर दलितों के लिए अपना प्रेम जाहिर किया है।

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