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यूआईडीएआई लोगों को करेगा जागरूक

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यूआईडीएआई जल्द ही जनता के लिए आधार की बायोमैट्रिक जानकारी साझा करते समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इसकी जानकारी देगी। यूआईडीएआई जागरूक करेगा कि किस तरह यूज़र्स पैन कार्ड नंबर, बैंक अकाउंट नंबर और क्रेडिट कार्ड नंबर को पब्लिक डोमेन में शेयर करते समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए। खासतौर पर डिजिटल प्लेटफॉर्मस पर।

बिना डर के इस्तेमाल

यूआईडीएआई के सीईओ अजय भूषण पांडेय ने कहा कि लोगों को यह बताना ज़रूरी है कि वे बिना किसी डर के आधार का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस संबंध में इससे जुड़े सवालों और जवाबों की लिस्ट दी जाएगी। इस लिस्ट में लोगों को जागरूक करने से जुड़े सवालों के जवाब होंगे।

कैसी जानकारी होंगी

यूआईडीएआई की प्रस्तावित लिस्ट में यह जानकारी दी जाएगी कि केवल आधार नंबर के जरिये किसी भी व्यक्ति को न नुकसान पहुंचाया जा सकता है और न उसकी किसी तरह की जानकारी का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका कारण है बायोमैट्रिक्स और ओटीपी जैसे अतिरिक्त सिक्योरिटी है, जो आधार को अन्य आईडी से ज्यादा सुरक्षित बनाती है। साथ ही लिस्ट में इन बातों का जवाब भी दिया जाएगा कि क्या किसी के आधार नंबर से बैंक खाता खोला जा सकता है और साथ ही फर्जी तरीके से पैसे निकाले जा सकते हैं।

आरएस मामले से उठा मुद्दा

बता दें कि आधार कार्ड सिक्योरिटी के मामले ने तब तूल पकड़ा, जब ट्राई के चेयरमैन आरएस शर्मा ने अपना आधार नबंर ट्विटर पर शेयर कर हैकर्स को चुनौती दी थी। इसके कुछ घंटों बाद ही फ्रांस के सुरक्षा विशेषज्ञ एंडरएस ने उनका निजी जानकारी जारी कर दिए थे। एंडरसन ने कहा था कि आधार संख्या असुरक्षित है। लोग आपकी निजी जानकारी जान सकते हैं। हालांकि आरएस शर्मा ने इस सब को झूठ करार दिया था।

यूआईडीएआई ने किया खारिज

यूआईडीएआई ने आधार हैक करने के दावों को खारिज कर दिया। यूआईडीएआई ने कहा कि ट्विटर पर आरएस शर्मा की जानकारी साझा की गई| वे पहले से इंटरनेट पर मौजूद हैं। उन्हें आधार डेटाबेस या सर्वर से नहीं लिया गया है।

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